पंचायत प्रधान ने सरकारी जमीन पर रात को चलाई जेसीबी, बना दी 250 मीटर सड़क
चम्बा – भूषण गुरुंग
पंचायत प्रधान ने रात के अंधेरे में सरकारी भूमि पर बिना अनुमति जेसीबी चलाकर 250 मीटर सड़क बना दी। इसको लेकर वन विभाग ने पंचायत के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी है।
पंचायत की तरफ से बनाई जा रही सड़क के निर्माण को लेकर फोरेस्ट क्लीयरेंस का प्रमाण पत्र तक नहीं लिया गया। बल्कि, रात के अंधेरे में जेसीबी चलाकर सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया।
इसकी भनक लगते ही चुंडी वन बीट का वन रक्षक मौके पर पहुंचा। वन रक्षक के आने की सूचना मिलते ही जेसीबी को मौके से भगा दिया गया। साथ ही अन्य लोग भी वहां से भाग गए, लेकिन जब इसको लेकर वन रक्षक ने छानबीन की तो उसे जानकारी मिली कि पंचायत की तरफ से सड़क का निर्माण करवाया जा रहा था।
इसको लेकर वन रक्षक ने तुरंत मौके पर कार्रवाई करके रिपोर्ट बनाकर अपने वन परिक्षेत्र अधिकारी को भेज दी ताकि पंचायत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सके। दो साल पहले भी सियुला पंचायत में इस सड़क को अवैध रूप से बनाने का प्रयास किया गया था।
उस दौरान वन मंडल अधिकारी ने वन बीट के वन रक्षक को लापरवाही बरतने के लिए सस्पेंड भी किया था। ऐसे में दोबारा से जब सड़क का निर्माण अवैध रूप से किए जाने लगा तो संबंधित वन बीट का वन रक्षक तुरंत पहुंच गया। हालांकि उसके पहुंचने से पहले 250 मीटर सड़क अवैध रूप से बनाई गई है।
इसको लेकर वन विभाग डैमेज रिपोर्ट बना रहा है। साथ ही पंचायत प्रधान के खिलाफ एफआईआर करने की भी विभाग की योजना है। ताकि कोई भी दोबारा वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से सड़क नहीं बना सके।
वन मंडलाधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया के बोल
वन मंडलाधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि रात के अंधेरे में सियुला पंचायत में अवैध रूप से सड़क बनाई जा रही थी। इस कार्य को वन रक्षक ने बंद करवा दिया है। साथ ही इसको लेकर पंचायत के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रही है। अवैध सड़क बनने से वन विभाग को हुए नुकसान की भी रिपोर्ट बनाई जा रही है। फोरेस्ट क्लीयरेंस के बिना कोई भी सड़क नहीं बनाई जा सकती। इसके लिए पूरी औपचारिकता होनी चाहिए।

