नूरपुर – सवर्ण राणा
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के नूरपुर वन मंडल में फील्ड स्टाफ की गंभीर कमी सामने आई है। इस संबंध में वन मंडल अधिकारी (DFO) नूरपुर अमित शर्मा ने धर्मशाला स्थित मुख्य वन संरक्षक (CF) को पत्र भेजकर तत्काल स्टाफ की तैनाती की मांग की है।
वन अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नूरपुर वन मंडल में वर्तमान समय में केवल 4 रेंज अफसर , 19 ब्लॉक अफसर और 64 फॉरेस्ट गार्ड कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पदक्रम के अनुसार 6 रेंज अफसर, 27 ब्लॉक अफसर और 96 फॉरेस्ट गार्ड होने चाहिए। यानी कुल मिलाकर मंडल में 40 प्रतिशत से अधिक फील्ड स्टाफ की कमी है।
इंदोरा रेंज की स्थिति सबसे गंभीर
रिपोर्ट के अनुसार, इंदोरा परिक्षेत्र (रेंज) की स्थिति सबसे खराब है। यहां स्वीकृत 27 फॉरेस्ट गार्ड पदों के मुकाबले केवल 12 ही तैनात हैं। ब्लॉक अफसरों की संख्या भी सात के मुकाबले मात्र चार रह गई है। वन विभाग ने चेताया है कि इंदोरा क्षेत्र वन संरक्षण के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील है और स्टाफ की कमी के कारण यहां वन सुरक्षा कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
दस वर्षीय फेलिंग प्रोग्राम पर भी असर
डीएफओ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि स्टाफ की कमी के चलते इस क्षेत्र में खैर वृक्षों की मार्किंग और कटाई का कार्य संभव नहीं है। विभाग के “दस वर्षीय फेलिंग प्रोग्राम” के तहत जो कार्य निर्धारित किए गए थे, वे फिलहाल स्थगित रहेंगे। इसी तरह चालू वर्ष की कार्य योजना में शामिल साइल्वीकल्चरल (वन प्रबंधन) गतिविधियाँ भी वर्तमान परिस्थितियों में लागू नहीं की जा सकतीं।
वन अधिकारी की मांग – तत्काल तैनाती जरूरी
डीएफओ अमित शर्मा ने विभाग के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया है कि इंदोरा रेंज सहित पूरे नूरपुर वन मंडल में आवश्यक फील्ड स्टाफ की शीघ्र तैनाती की जाए, ताकि वन संरक्षण और प्रबंधन कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और वन क्षेत्र की उचित सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मुख्य बिंदु:
* नूरपुर वन मंडल में 96 में से केवल 64 फॉरेस्ट गार्ड कार्यरत
* इंदोरा रेंज में खैर के पेड़ों की कटाई कार्यक्रम स्थगित
* वन सुरक्षा और संरक्षण कार्यों पर खतरा
* डीएफओ ने तत्काल स्टाफ की नियुक्ति की मांग की

