सिरमौर – नरेश कुमार राधे
जिला सिरमौर से पांवटा साहिब विकासखंड में जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते अध्यापकों, बच्चों और ग्रामीणों की हैरान करने वाली वीडियो वायरल हो रहा है। बुधवार को स्कूल जाते समय अध्यापक पहाड़ से गिरते मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे, जबकि कुछ स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं।
इन स्कूली बच्चों, अध्यापकों और ग्रामीणों के लिए जान जोखिम में डालना मजबूरी बन गया है। हालात देखकर लगता है कि सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है। कोई भी जिम्मेदार विभाग इन ग्रामीणों की सुध नहीं ले रहा है।
छ्छेती पंचायत के क्यारी और डडवा गांव डेढ़ महीने से शेष दुनिया से कटा हुआ है। एक महीने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर का राशन और अन्य सामान लाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। अध्यापक ड्यूटी पर जाने के लिए जान हथेली पर रख रहे हैं।
चार में से दो अध्यापक ही पार कर पाए ढलान
बुधवार को चार अध्यापक स्कूल जाने के लिए निकले थे। मगर उनमें से दो ही अध्यापक ढलान को पार कर पाए, जबकि कोई भी विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच पाए। यहां यह हालात सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही का जीवन उदाहरण है।
पहाड़ दरकने से टूट चुकी है सड़क
पंचायत को जोड़ने वाली सड़क पहाड़ दरकने से पूरी तरह टूट चुकी है। दूसरी तरफ उफ़नती गिरी नदी है। लेकिन पंचायत और जिला प्रशासन टूट चुकी सड़क पर पगडंडी भी नहीं बन पाई है। बरसात के मौसम में दशकों से लोग यहां ऐसे ही हालात से जूझने को मजबूर है।
कई सालों से नहीं सुधरे हालात
कई दशकों से यहां ऐसे हालात हैं। इस बार स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई है मगर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग कोई कारगर कदम नहीं उठाया है। उफनती नदी के किनारे जान बचाकर भागते अध्यापकों की वीडियो और तस्वीरें बुधवार को वायरल हुई हैं।
वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा
पांवटा साहिब एसडीएम गुंजित सिंह चीमाने समस्या पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से समस्या का पता चला है। जल्द ही यहां वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।