
धर्मशाला-राजीव जस्वाल
धर्मशाला नाम की स्मार्ट सिटी बनकर रह गया है। आलम यह है कि शहर के नाले गंदगी से तर हैं। शहर के वार्ड नंबर 10 शामनगर स्थित गोरखा भवन के साथ लगते नाले में कूड़ा कचरा बिखरा पड़ा है तो नाला भी गंदगी से तर है। हालांकि इस क्षेत्र में गोरखा भवन होने से आए दिन कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन किसी ने भी सुध नहीं ली है। हालांकि ये वार्ड पूर्व महापौर एवं मौजूदा समय में वार्ड 11 रामनगर के पार्षद देवेंद्र जग्गी का वार्ड रहा है। जहां से पिछली दफा उन्होंने चुनाव जीता था।
शहर के नालों में कूड़ा कर्कट बिखरा होना भी निगम की सफाई व्यवस्था की भी पोल खोल रहा है, क्योंकि शहर में नगर निगम की ओर से दोहरी सफाई व्यवस्था अपनाई जा रही है। साथ ही बकायदा घर-घर व दुकान-दुकान से कूड़ा एकत्र करने के लिए वाहन भी घूमाया जाता है, लेकिन इस नाले का आलम देखकर यही लगता है कि या तो यहां तक वाहन व सफाई कर्मी नहीं पहुंचते या फिर निगम की सफाई व्यवस्था के तहत दी जा रही सुविधाओं का लाभ स्वयं शहरी नहीं उठा रहे।
हालांकि निगम क्षेत्र में अभी तक सौ फीसद डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र तो नहीं हो पा रहा है, लेकिन वार्ड शामनगर का ये क्षेत्र बिलकुल सटा हुआ है, ऐसे में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर यहां नाले का हाल ऐसा क्यों है। यही नहीं इसी के साथ लगती चरान खड्ड के किनारों में भी कूड़ा फेंका जा रहा है। जिससे चरान खड्ड भी दूषित हो रही है।
