नशा, प्रेम प्रसंग और हत्या? अभिषेक की संदिग्ध मौत केस में चौकी प्रभारी-हेडकॉन्सटेबल सस्पेंड

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शिमला – नितिश पठानियां

17 साल का अभिषेक 29 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लापता हो जाता है. छोटा शिमला थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो जाती है. उसके बाद पुलिस शिमला के जंगलों की खाक छानती है. सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाती है. ड्रोन से भी तलाशी अभियान चलाया जाता है. गुमशुदगी के पर्चे शहरभर की दीवारों पर चस्पां किए जाते हैं.

पुलिस की ओर से जानकारी देने वाले के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जाता है. इतना ही नहीं, अभिषेक की तलाश में पुलिस चंडीगढ़ तक गई लेकिन कुछ हाथ नहीं आया. मामले में अब चौकी प्रभारी और जांच अधिकारी हेड कॉन्सटेबल को सस्पेंड किया गया है.

27 मई की सुबह खबर आई कि जिस कसुम्पटी पुलिस चौकी को सबसे पहले सूचना दी गई थी, उसी चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर 12वीं में पढ़ने वाले अभिषेक की लाश पेड़ से लटकी मिली. गले पर राजनीतिक दलों के पटका लटका हुआ है.

चौकी के पास वाले रिहायशी इलाके में काम करने वाली एक महिला को तेज दुर्गंध आई. दुर्गंध कुछ अजीब थी तो उसने उसकी सूचना चौकी को दी. चौकी में तैनात पुलिसकर्मी ने जब छानबीन की तो साथ लगते जंगल में युवक का शव पेड़ से लटका दिखाई दिया. शव के पास जाने पर लगा कि शायद ये लाश लापता अभिषेक की हो सकती है.

पुलिस ने तुंरत इसकी परिजनों की सूचना दी गई. मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, साक्ष्य जुटाए और लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया.

प्रेम प्रसंग और नशे के एंगल की जांचः एसपी

परिजनों को यकीन नहीं हुआ कि अभिषेक ने जान दी है. परिजनों की हत्या की आशंका जताई और सीबीआई जांच की मांग की. एसपी संजीव गांधी ने मामले की जांच अधिकारियों की टीम को सौंपी. डीएसपी लेवल के अधिकारी के साथ अन्य अधिकारी जांच दल में शामिल किए गए.

एसपी का कहना है कि इस मामले में प्रेम प्रसंग, हत्या और नशे समेत हर पहलू पर जांच की जाएगी. जो परिजनों की ओर से बातें कही जा रही हैं, उस पर भी जांच होगी. उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपार्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा. घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर सभी साक्ष्य इक्ठ्ठे किए जाएंगे.

आईजीएमसी में पोस्टमॉर्टम हुआ. मृतक के गांव से और शिमला में रहे रहे परिचित भारी संख्या में पहुंचे. आईजीएमसी से नारेबाजी करते हुए एसपी ऑफिस के बाहर पहुंचे. पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की लेकिन कुछ प्रदर्नकारी उग्र हो गए.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई. मौके पर एसपी भी पहुंचे, भीड़ का शांत करने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए. कई घंटो तक एसपी ऑफिस के बाहर शव लेकर प्रदर्शन करते रहे.

आखिरी बार कब देखा गया था अभिषेक

शिमला पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सिरमौर जिले की शिलाई तहसील के बाली कोटी गांव का रहने वाला 17 वर्षीय अभिषेक आखिरी बार 29 अप्रैल को सुबह करीब 9.30 बजे कसुम्पटी के रानी ग्रांउड के पास देखा गया.

उसने काले रंग की टी शर्ट और ग्रे रंग की पेंट पेंट पहनी हुई थी. अभिषेक सोलन में पढ़ाई में करता है और इलाज के लिए शिमला आया था. शिमला में पंथाघाटी में अपने होने वाले जीजा के पास रह रहा था.

शुरूआती जांच में पता चला कि उसने अंतिम फोन एक लड़की को किया था, वो लड़की कथित तौर पर उसकी दोस्त है. लड़की को फोन करने के लिए उसने पंथाघाटी के पास किसी दिहाड़ी मजदूरी करने वाले एक शख्स से फोन मांगा था. लड़के के पास अपना फोन नहीं था. अभिषेक लड़की से मिला और दो दिनों तक उसी लड़की के साथ शिमला घुमा-फिरा. फिर अचानक से लापता हो गया.

इस मामले में अभिषेक की कथित दोस्त से पूछताछ की जा चुकी है, जिस मजदूर के फोन से फोन किया गया था उससे भी पूछताछ की गई है. फोन पर हुई बातचीत की कुछ रिकार्डिंग होने की भी बात कही जा रही है.

मृतक के परिचितों का कहना है कि अभिषेक की कोई गुप्त समस्या थी, उसका इलाज चल रहा था. जब तक वो शिमला में रहा उस बीच क्या-क्या हुआ ये गुत्थी बनी हुई है. सीसीटीवी की एक फुटेज में अभिषेक के हाथ में राजनीतिक दल का पटका दिखाई दे रहा है.

पिता मजदूरी करते हैं

मृतक के अन्य परिचितों का कहना है कि अभिषेक बेहद खुबसूरत लड़का था. पूरी तरह से ईमानदार नजर आता था और पढ़ने में भी होशियार था. उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और हलवाई का काम भी करते हैं. उसकी एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई है. सोलन से जब शिमला के लिए आया था तो उसके पास केवल 240 रुपये थे.

उन्होंने ये भी बताया कि उसके पास पहले फोन था और एक साल पहले ही उससे घरवालों ने फोन ले लिया था. अभिषेक किसी का भी फोन ले लेता था और उस फोन से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था. ऐसा लग रहा है कि शायद सोशल मीडिया पर ही उसकी दोस्ती शिमला में रहने वाली उस कथित दोस्त के साथ हुई थी.

मारकर लटकाया गयाः परिजन

पुलिस के अनुसार, इस मामले में नशे के पहलू को दरकिनार नहीं किया जा सकता है. इस पूरे मामले में नशा एक बड़ी वजह है या प्रेम प्रंसग का मामला है या हत्या का या फिर मानसिक परेशानी या फिर कोई और बात है, किसी भी एंगल को दरकिनार नहीं किया जा सकता. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले की तह तक पहुंचा जाएगा.

मृतक के भाई के साथ आई रीना नाम की महिला ने कहा कि मौके की स्थिती को देखकर लग रहा है कि ऐसा लग रहा है कि इसे मारकर यहां लटकाया गया है. उन्होंने कहा कि ये सोलन में पढता था और शिमला के बारे में तो वो ज्यादा जानता भी नहीं था, वो अपना इलाज करवाने अपने जीजी के पास आया था.

खुद को मृतक का रिश्तेदार बताने वाले अतर तोमर ने कहा कि उन्हें उस लड़की पर शक है, क्योंकि लड़की ने ही उसे शिमला बुलाया था. अतर तोमर ने कहा कि लड़की के साथ अभिषेक दो दिनों तक घुमा फिरा और फिर कैसे अचानक गायब हो गया. उस लड़की के अलावा उस लड़के पर भी शक है, जिसको अंतिम कॉल की गई थी.

एक कॉल 35 सेकंड की है और एक चार-पांच सेकंड की. अतर तोमर ने ही दावा किया कि इस मामले में कॉल रिकार्ड भी है. उन्होंने न्याय की गुहार लगाई और सीबीआई जांच की बात भी कही.

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