चम्बा – भूषण गुरूंग
कांवड़ उठाकर चार धाम की पैदल यात्रा कर रहा चंडीगढ़ का रहने वाला संदीप भोला 125 दिन बाद जिले के प्रवेश द्वार तुनुहट्टी पहुंचा, जिसके बाद वह मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना होगा।
33 वर्षीय संदीप भोला की यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है बल्कि महादेव के प्रति अटूट विश्वास और गहरी श्रद्धा का प्रतीक है।
वह कांवड़ उठाकर 1 साल की पैदल यात्रा का संकल्प लेकर चल रहे संदीप भोला ने बताया कि उन्होंने कोलकाता से कांवड़ को तैयार किया और 8 अप्रैल को ऋषिकेश से चार धाम की पैदल यात्रा को शुरू किया था।
जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के पवित्र मंदिरों के दर्शन करते हुए, वह हरिद्वार में हर की पौड़ी पर लौटे थे। हरिद्वार से वह अपने घर चंडीगढ़ जल चढ़ाकर वह मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुए।
मणिमहेश यात्रा के बाद वह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और वहां से ओम कालेश्वर मंदिर जाएंगें और इसके अलावा 1 साल तक पैदल चलने वाली इस यात्रा में वह अन्य कई धार्मिक स्थलों में कांवड़ उठाकर पैदल यात्रा करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि भोले बाबा का आशीर्वाद और दिल में जज्बा हो तो कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाता है। चंडीगढ़ के संदीप भोला की यह कांवड़ यात्रा हर किसी को अचंभित कर रही है।
तुनुहट्टी के शिव मंदिर में रात्रि पढ़ाव के बाद संदीप भोला कांवड़ उठाकर पैदल मणिमहेश यात्रा के लिए रवाना हुए।