
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पर्यटन एवं बौद्ध नगरी धर्मशाला-मकलोडग़ंज की नड्डी डल झील का करोड़ों रुपए स्वीकृत होने के बाबजूद भी सौंदर्यकरण व सुधारीकरण होना तो दूर अब पूरी तरह से सूख चुकी झील का आस्त्तिव पर ही खतरा बन गया है।
गर्मियों की शुरूआत होने से पहले व कोविड के दो वर्षों के बाद पर्यटन सीजन के शुरू होते ही पूरी झील अब मात्र कीचड़ में ही तबदील होकर रह गई है। ऐसे में बड़े सवाल सरकार, प्रशासन व पर्यटन विभाग पर भी उठते हैं कि पर्यटन क्षेत्र में नई उड़ान भरने के दावे धरातल में दम तोड़ गए हैं।
इसके चलते मकलोडग़ंज, नड्डी सहित आसपास के पर्यटक स्थल के सभी लोगों ने नड्डी डल झील को दुरुस्त न किए जाने तक मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। लोगों ने पंचायत, विधानसभा सहित लोकसभा के चुनावों का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
स्थानीय निवासियों में से अशोक कुमार, सुरेश कुमार, अनिल, ऋषि, अशोक शर्मा, संत राम राणा, ठाकुर दास, बृजलाल, करनैल सिंह, अनिल, करतार, औंकार व सुभाष ने कहा कि जब तक नड्डी डल झील का आस्त्तिव बचाने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, उनकी ओर से सभी प्रकार के चुवावों व मतदान का बहिष्कार किया जाएगा।
