
देहरा – आशीष कुमार
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के सिविल अस्पताल देहरा में सोमवार देर रात एक 6 दिन की बच्चे की जान पर बन आई. वजह थी धुंआ ही धुंआ. अस्पताल को कूड़े में लगी आग के धुंए ने घेर लिया था. अस्पताल से क्या डॉक्टर क्या मरीज हर कोई बाहर की ओर भागने लगा.
सूचना पाकर निर्दलीय विधायक होशियार भी अस्पताल पहुंचे. प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा. दरअसल, यहां नगर परिषद द्वारा अस्पताल के ठीक पीछे कूड़े की अवैध डंपिंग साइट बनाई है.
फिलहाल, एमएलए होशियार सिंह ने एसडीएम से तुरंत उचित कार्यवाही की मांग की है. होशियार सिंह ने कहा कि वह नगर परिषद की शिकायत एनजीटी से करेंगे, अगर दो दिन के अंदर नगर परिषद कूड़े के ढेर अस्पताल के पीछे से नहीं हटाती है तो अस्पताल को ताला लगाकर सभी धरने पर बैठेंगे. वहीं कूड़े में लगी आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलानी पड़ी, तब जाकर धुंए पर काबू पाया गया.
नगर परिषद देहरा ने सिविल अस्पताल के पीछे कूड़े की अवैध डंपिंग साइट बनाई है, जहां रात के समय नगर परिषद के सफाई ठेकेदार द्वारा आग लगाई जाती है, जिससे धुंआ अस्पताल व आसपास के इलाके में फैल जाता है. यह आज ही नहीं बल्कि पिछले 6 महीनों से हो रहा है.
अस्पताल प्रशासन द्वारा भी पिछले साल 26 नवंबर को इसकी शिकायत नगर परिषद देहरा में की गई, लेकिन नगर परिषद देहरा के ईओ व कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी.
एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर, डीएसपी देहरा अंकित शर्मा, नगर परिषद उपाध्यक्ष मलकियत परमार सहित अस्पताल के एसएमओ डॉ गुरमीत सिंह को बुलाया गया. पाईसा गांव से आई तीमारदार संतोष कुमारी ने कहा कि उनकी बेटी व 6 दिन का बच्चा अस्पताल में भर्ती हैं.
धुएं की वजह से उन्हें भी सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. एसएमओ डॉ गुरमीत सिंह ने पिछले साल नवम्बर महीने से नगर परिषद कार्यालय देहरा में अस्पताल के पीछे अवैध गार्बेज साइट में आग लगाने व गंदगी की शिकायत की, लेकिन किसी ने भी कोई हल नहीं किया.
एसएमओ डॉ गुरमीत सिंह ने कहा कि इसकी शिकायत नगर परिषद देहरा में काफी समय से की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. नगर परिषद उपाध्यक्ष मलकियत परमार ने माना कि यह गलती है। इसलिए वह सुबह ही इस मामले पर सम्बंधित ठेकेदार पर कार्यवाही करने जा रहे हैं.
