मंडी – अजय सूर्या
बीती 16 अप्रैल को नगर निगम मंडी के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा पड्डल वार्ड में एक दुकान पर जबरन कब्जा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
पीड़ित दुकानदार ने इस संदर्भ में उसी दिन पुलिस को शिकायत दे दी थी लेकिन करीब एक सप्ताह बाद सदर थाना पुलिस ने इस संदर्भ में नगर निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
वहीं, दूसरी तरफ पीड़ित दुकानदार ने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर कर दी है। दुकानदार का कहना है कि यह दुकान उसके परिवार के पास बीते 25 वर्षों से है और वह नियमित तौर पर इसका किराया भी निगम को दे रहे हैं। इन सभी के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।
वर्ष 2023 में प्राकृतिक आपदा के कारण इस दुकान पर साथ लगता विशालकाय पेड़ गिर गया था जिस कारण काफी ज्यादा नुकसान हुआ था।
निगम यहां पर इसी दुकान की सुरक्षा के लिए डंगा लगा रहा था जिसके लिए खुदाई की गई थी और उसी खुदाई के कारण पेड़ गिरा और दुकान को भारी नुकसान पहुंचा।
इस नुकसान की जानकारी निगम को दी गई थी और दुकान की मुरम्मत की मांग भी की गई थी। लेकिन निगम ने इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की और दुकानदार को अपने पैसों से मुरम्मत कार्य को करवाना पड़ा क्योंकि यहां रखा सामान खराब हो रहा था।
जब दुकान का निर्माण पूरा हो गया तो निगम ने इस संदर्भ में दुकानदार को निर्माण को लेकर नोटिस देने शुरू कर दिए। इसके जबाव देने के बाद भी निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीना किसी पूर्व सूचना और नोटिस के 16 अप्रैल को दुकान पहुंचकर ताले तोड़े, अंदर रखे सामान को उठाकर ले गए और यहां जबरन कब्जा कर लिया।
हैरानी वाली बात यह भी है कि नगर निगम ने दुकान पर कब्जा करने के साथ ही यहां पर शराब के ठेके का बोर्ड भी लटका दिया था।
निगम को सरकार की तरफ से शराब के ठेके चलाने का प्रस्ताव तो आया था लेकिन निगम यह ठेके नहीं चलाना चाहता था। बीना किसी अनुमति के ही यहां शराब के ठेके का बोर्ड लगाने को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह दुकान प्राइम लोकेशन पर है जिसके चलते यहां निगम द्वारा कब्जा करने के लिए ऐसा हथकंडा अपनाया गया है।
एएसपी मंडी सागर चंद्र के बोल
एएसपी मंडी सागर चंद्र ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस संदर्भ में सदर थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में नियमानुसार जांच पड़ताल करके कार्रवाई की जा रही है।