शिमला- जसपाल ठाकुर
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रमादित्य सिंह के बीच राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। यह बहस आईजीएमसी की नई ओपीडी के भवन के उद्घाटन पर शुरू हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा इस भवन का उद्घाटन करना शिमला ग्रामीण के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य को अच्छा नहीं लगा है।
इस पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर पनी प्रतिक्रिया दी। विक्रमादित्य सिंह ने लिखा कि आज चार साल के लंबे इंतज़ार के बाद मुख्यमंत्री को आईजीएमसी की ओपीडी ब्लॉक का उद्घाटन करने का समय मिला। यह इमारत आज से चार साल पहले बनकर तैयार हो गई थी और इसको बनाने का पूर्ण श्रेय तत्कालीन वीरभद्र सिंह सरकार को जाता है।
आखिरी साल में राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसका उद्घाटन किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। विक्रमादित्य सिंह की इस पोस्ट के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा वर्तमान सरकार ने भवन के बजट को 103 करोड़ किया है। उन्होंने कहा कि मूल रूप से यह भवन 46 करोड़ रुपण् में निर्मित किया जाना था, लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भवन के निर्माण के लिए वर्ष-2019 में इसकी लागत को संशोधित कर 103 करोड़ किया गया था।
सबसे ऊंची बिल्डिंग
आईजीएमसी का नया ओपीडी भवन 17 मंजिला है। यह बिल्डिंग पूर्रे शिमला में सबसे ऊंची बिल्डिंग है। इस भवन का निर्माण 103 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन में हर विभाग की अलग ओपीडी होगी। इस भवन में 10 ओपीडी चलाई जाएंगी। वहीं बताया जा रहा है कि हर मंजिल में अलग ओपीडी होगी।