कोटला – व्यूरो
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा फोरलेन सड़क पठानकोट मंडी के निर्माण में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा कर निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही है।
भेडखडड से लेकर 32 मील के लगभग 8 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माणकर्ता एजेंसियों द्वारा लोगों का जीना हराम करके रख दिया है। नियमानुसार निर्माण में पैदा हो रही धूल – मिट्टी को पानी का छिड़काव कर प्रदूषण रहित नहीं किया जा रहा है।
कोटला बाजार क्षेत्र की 14 पंचायतों के लाखों लोगों का व्यापारिक केंद्र है। और लोग रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं आटा, दाल, दही, दूध से लेकर जीवन रक्षक दवाइयां इसी बाजार से खरीदते हैं ।
हालात यह है कि धूल मिट्टी में चलना मुश्किल हो जाता है। इस कारण लोगों ने बाजार में आना छोड़ दिया है। जिससे बाजार के दुकानदारों की जीविका पर विपरीत असर पड़ रहा है।
हैरानी का विषय है कि अधिकृत रूप से कोई डंपिंग साइड नहीं है। और निर्माण करने वाली कंपनियां जहां-तहां वेतरकीब तरीके से मिट्टी, पत्थर की डंपिंग देहर, भेडखडड व वरालखडड के किनारे पर तथा सरकारी भूमि में मलवा गिराया जा रहा है।
जिससे भारी मात्रा में मिट्टी की गाद पौग बांध में पहुंचकर बांध के जीवन को नष्ट कर रही है । और खडडों के बहाव में बदलाव आने से नुकसान के साथ-साथ क्षेत्र की कई पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई है।
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों राकेश, रमन, अनिल,जीवन, मंगल सिंह, सुरेश, प्यारेलाल, कुलजीत आदि पर्यावरण प्रेमियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा परिवहन एवं सड़क मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी से मांग की है कि मामले की उच्च स्तर पर जांच करवाकर दोषियों को दंड लगाया जाए। बाकी लोगों को राहत मिले।
इस बारे में भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के एचआर मैनेजर राहुल शर्मा ने कहा कि 32 मील से क्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। और साथ ही मिट्टी भी उठाई जा रही है
इस बारे में एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि वन विभाग, पुलिस और की कमेटी बनाई गई है जिसके तहत इन पर कार्यवाही की जा रही है। और जुर्माना भी किया जा रहा है।

