
कोटला- स्वयंम
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि आज देश में जो रोजमर्रा चीजें महंगी हो रही हैं। उसके पीछे सबसे बड़ा कारण नेताओं को घर बैठे मिलने वाले अथाह वेतन-भत्तों सहित पैंशन एवं नेताओं द्वारा राजनीति फायदे केलिए शुरू की गई शुरू की गई मुफ्त में सब्सिडी जैसी योजनाएं हैं।
क्योंकि हमारे देश के नेताओं को लेकर कामकाज पर नजर डालें तो केवल मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री पद ही ऐसे हैं, जहां पर हर दिन काम काज को लेकर व्यस्त रहना पड़ता है। लेकिन अन्य मंत्री एवं विधायक तो सिर्फ विधानसभा सत्र तक ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने एवं कर्मचारियों के स्थानांतरणों तक ही सीमित रह कर ही अपना सेवाकाल पूरा करते हैं। और हर महीने इन्हें लाखों रुपए वेतन-भत्तों से नवाजा जाता है और तो और कैंटीन में बहुत ही सस्ते दामों में खाना खाने में भी संकोच नहीं करते हैं और इसके अलावा सस्ती दरों पर हाऊस लोन एवं फ्री आय-कर का फायदा भी सरकारी खजाने से लेते हैं।
इसके इलावा सस्ता एवं मुफ्त राशन जो दिया जा रहा है उससे भी खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भारी असर पड़ रहा है । सरकारी डिपुओं में भिन्न भिन्न योजनाओं के अंतर्गत सस्ता राशन मुहैया करवाया जा रहा है। जिससे लोगों द्वारा खेती करना अधिकतर मात्रा में छोड़ दी या फिर बहुत ही कम कर दी है। अतः सरकारी डिपुओं में सब्सिडी पर राशन मुहैया करवाने की सुविधा हर व्यक्ति को उसकी जमीन के आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए ।
अगर जमीन की सीमा के आधार पर राशन मुहैया करने की योजना बनाई जाए तो बहुत से लोग खेती करने में रुचि लेने लगे और उत्पादन में वृद्धि होगी जिससे खरीददारी कम होने से रोज़मर्रा खाद्य पदार्थों की दरों में गिरावट आने से मंहगाई ख़ुद व खुद कम होना शुरू हो जाएगी और विकास कार्यों को बढ़ावा देने में सफलता मिलेगी।
