देश के सर्वोच्च “शिक्षक सम्मान” से सम्मानित हुए हिमाचल के युद्धवीर टंडन

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चम्बा – भूषण गुरुंग

जिला के तेलका के रहने वाले युद्धवीर टंडन ने देश का सर्वोच्च “शिक्षक पुरस्कार” हासिल कर नई मिसाल पेश की है। शिक्षा के क्षेत्र में कड़ी मेहनत करने पर यह कामयाबी युद्धवीर टंडन को मिली है।

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक को सम्मानित किया। वर्तमान में युद्धवीर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के  राजकीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला अनोगा में तैनात है। जिस स्कूल में बच्चों की संख्या सिमटती जा रही थी।

युद्धवीर ने स्कूल में पहुंचकर कड़ी मेहनत और लग्न से इस विद्यालय की संख्या बढ़ा दी। अभिभावकों के साथ मिलकर स्कूल में विकास के कार्य करवाए, जबकि नए-नए नव विचारों और प्रयोगों से विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाना सीखाया। वहीं कोरोना काल में भी विद्यार्थियों को वीडियो के जरिए पढ़ाया।

परिवार ने भी फटाफट किया काम, टीवी पर देखा कार्यक्रम

युद्धवीर के परिवार में उनकी पत्नी और माता है। बेटे की इस उपलब्धि के लिए घर का सारा काम खत्म कर टीवी पर कार्यक्रम देखना शुरू किया। जब युद्धवीर का नाम पुरस्कार के लिए लिया तो पूरा परिवार भावुक हो गया। माता और पत्नी के चेहरों पर खुशी झलक उठी।

शिक्षक युद्धवीर टंडन ने बताया कि जब उन्होंने अपने पिता से पूछा था कि मै बड़ा होकर क्या बनूं तो पिता ने कहा था अच्छी नौकरी अध्यापक की है, जो दूसरों को नई राह दिखाता है। बस उसी दिन से अध्यापक बनना अपना टारगेट सेट किया।

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