हिमखबर डेस्क
नगरोटा बगवां की पंचायत लिल्ली के 24 वर्षीय जवान हैप्पी चौधरी सियाचिन ग्लेशियर में देश की सेवा करते हुए बलिदानी हो गए। हैप्पी चौधरी सेना की 26 पंजाब रेजीमेंट में कार्यरत थे और इन दिनों अपनी बटालियन के साथ सियाचिन में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक हैप्पी चौधरी का स्वास्थ्य तीन दिन पहले खराब हो गया था।
सोमवार की सुबह हैप्पी चौधरी ने ली अंतिम सांस
हैप्पी चौधरी को चंडीगढ़ इलाज के लिए लाने की योजना थी परंतु दो दिन मौसम अनुकूल न होने के कारण फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई। उचित इलाज के आभाव में सोमवार सुबह हैप्पी चौधरी ने अंतिम सांस ली। पंचायत के पूर्व प्रधान कश्मीर सिंह ने बताया कि हैप्पी चौधरी के पिता विनीत कुमार, माता शमा देवी, छोटी बहन काजल तथा गांव के लोग चंडीगढ़ गए हुए थे। परंतु जैसे ही उन्हें सुबह उन्हें हैप्पी के बलिदानी होने की सूचना प्राप्त हुई तो वह वापस घर लौट आए।
खराब मौसम के कारण शव नहीं पहुंच पाया घर
हैप्पी चौधरी के इस बलिदान से जहां पिता विनीत कुमार तथा माता शमा देवी तथा बहन काजल बेहाल हैं तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हैप्पी चौधरी की पार्थिव देह को घर लाने की तैयारी की जा रही है परंतु मौसम खराब होने के कारण फ्लाइट के ना आने के कारण देरी हो रही है।
2020 को सेना में हुए थे भर्ती
लिली पंचायत के गांव निहार खोला के वार्ड नंबर पांच के युवा हैप्पी चौधरी सात मार्च 2020 को सेना में भर्ती हुए थे। उनके निधन पर उनके दोस्तों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर हैप्पी चौधरी जल्दी घर लौट आ की बातें लिखी जा रही हैं।
वहीं हैप्पी के निधन पर पर्यटन निगम के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक आरएस बाली ने शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि हैप्पी के बलिदान को भूलाया नहीं जा सकता है।

