देश की पहली शराब डिस्टिलरी कंपनी मोहन मीकिन से वसूला जाएगा लाखों का टैक्स

--Advertisement--

Image

नगर निगम की बीते रोज हुई आम सभा में कंपनी से लाखों का गृह कर वसूलने को लेकर प्रस्ताव डाला गया है। हालांकि, निगम कंपनी को नोटिस से पहले कानूनी राय लेगा, ताकि करीब 90 लाख के टैक्स वसूली का मार्ग प्रशस्त हो सके। 

सोलन, जीवन वर्मा

 

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थापित देश की पहली शराब डिस्टिलरी कंपनी मोहन मिकिन की सोलन शाखा नगर निगम की डिफाल्टर लिस्ट में शामिल हो गई है। मोहन मिकिन ब्रूरी के पास नगर निगम का लाखों का हाउस टैक्स बकाया है। हैरत की बात है कि कंपनी ने पिछले करीब 60 सालों में केवल एक बार ही महज एक साल का गृहकर अदा किया है।

 

नगर निगम की बीते रोज हुई आम सभा में कंपनी से लाखों का गृह कर वसूलने को लेकर प्रस्ताव डाला गया है। हालांकि, निगम कंपनी को नोटिस से पहले कानूनी राय लेगा, ताकि करीब 90 लाख के टैक्स वसूली का मार्ग प्रशस्त हो सके।

 

निगम पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने हाउस की बैठक में यह मुद्दा उठाया कि इस राशि के मिलने से निगम की आय के स्रोत बढ़ेंगे और विकास कार्यों में तेजी आएगी। गौर हो कि अंग्रेज शासक एडवर्ड अब्राहम डायर ने 1855 में सोलन के कसौली में भारत की पहली ब्रूरी की स्थापना की थी।

 

इसकी एक शाखा सोलन के साथ स्थापित की। इसे एचजी मिकिन ने 1887 में डायर से खरीद लिया। स्वतंत्रता के बाद नरेंद्र नाथ मोहन ने कंपनी का अधिग्रहण किया और मोहन मिकिन के नाम से इस कंपनी का संचालन किया गया।

 

1960 के आसपास नगर परिषद से पहले शहरी निकाय के गठन के बाद गृहकर लागू किया गया। कंपनी ने आज तक केवल एक साल का ही टैक्स अदा किया। इसे कंपनी ने फिर वापस मांग लिया था।

 

दिलचस्प तो यह है कि कंपनी के संस्थापक एनएन मोहन तथा उनके पुत्र कपिल मोहन भी सोलन निकाय के अध्यक्ष रह चुके हैं। उधर, नगर निगम की मेयर पूनम ग्रोवर ने कहा कि मोहन मिकिन कंपनी के पास निगम का लाखों का टैक्स बकाया है, जिसको लेकर निगम पहले कानूनी सलाह लेगी और उसके बाद नोटिस भेजा जाएगा।

 

एक लाख 32 हजार वर्ग मीटर में स्थापित है कंपनी

जानकारी के अनुसार मोहन मिकिन ब्रूरी नगर निगम सोलन के क्षेत्र में एक लाख 32 हजार 409 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित है। शुरुआती दौर में कंपनी के तहत बेर, पड़ग और जरई में कंपनी के तहत कुल 205 खसरा नंबर आते हैं। इस लिहाज से कंपनी की ओर से नगर निगम को लाखों के टैक्स की अदायगी बनती है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

विदेश जाना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई पासपोर्ट की आवेदन फीस, री-इश्यू करवाना भी महंगा

हिमखबर डेस्क विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा...

Teacher Eligibility Test: हिमाचल में शिक्षकों को 31 अगस्त से पहले पास करना होगा TET

हिमखबर डेस्क हिमाचल सरकार ने इन सर्विस टीचर्स के लिए शिक्षक...

टांडा मेडिकल कॉलेज का पानी पीने लायक नहीं

हिमखबर डेस्क डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा...