तहसील कल्याण विभाग रक्कड़ ने निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों से पत्राचार कर मांगे पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र
देहरा – शिव गुलेरिया
हिमाचल प्रदेश में कई दिव्यांग छात्र-छात्राएं आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। इसलिए ज्यादातर दिव्यांग छात्र अशिक्षित रह जाते हैं। दिव्यांग छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने तथा उनकी आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है।
इसमें कक्षा पहली से लेकर स्नातक तक स्कूली छात्र-छात्राओं व छात्रावास में रह रहे छात्रों को अलग अलग रेट के आधार पर स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है। यह जानकारी देते हुए तहसील कल्याण अधिकारी रक्कड़ विपुल शर्मा ने बताया कि कल्याण विभाग कार्यालय रक्कड़ द्वारा पहले से ही पात्र बच्चों को स्कॉलरशिप दी जा रही है।

अब इसका दायरा बढाने के लिए बीइईओ (BEEO) व बीपीओ (BPO) रक्कड़ तथा रक्कड़ तहसील के सभी निजी स्कूल के मुख्याध्यापकों और प्रधानाचायों सहित फार्मेसी कॉलेज कुहना, यूनिक आईटीआई कलोहा और राजकीय महाविद्यालय रक्कड़ को नामांकन बढ़ाने के लिए आवश्यक पत्राचार भी किया गया है।
जिसमें उन्हें अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में योग्य बच्चों की पहचान करके तथा उनके आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित तहसील कल्याण विभाग रक्कड़ के कार्यालय में जमा करने को कहा गया है ताकि कोई भी पात्र छात्र या छात्रा इस योजना से वंचित ना रह जाए।
दिव्यांग छात्रवृत्ति हेतु 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता होने के साथ साथ दस्तावेजों में एक आवेदन पत्र, हिमाचली बोनोफाइड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, बैंक खाता, आधार कार्ड और आवेदक की फोटो आवश्यक है।

