ऊना, अमित शर्मा
जिला ऊना में गोबिन्द सागर झील का लठियाणी घाट पर्यटकों के लिए अक्सर आकर्षण का केन्द्र रहता है। हर वर्ष काफी संख्या में बाहरी राज्यों से पर्यटक गोबिन्द सागर झील के लठियाणी घाट पर सुंदरता को निहारने के लिए पहुँचते हैं।
इस घाट को पर्यटन की दृष्टि से उभारने के लिए अनेकों दफा मांग उठी लेकिन प्रशासन इस ओर कोई कारगर कदम नहीं उठा पाया। वहीं पंचायत ने अब इस घाट को संवारने और पर्यटकों को सुविधाएं मुहैया करवाने का बीड़ा उठाया है, जो कि सराहनीय कदम है लेकिन शरारती तत्वों को इस घाट पर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाएं रास नहीं आ रही हैं।
अभी हाल ही में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा पर्यटकों की सुविधा हेतू सीमेंट से निर्मित बैंच उपलब्ध कराए गए लेकिन उन्हें भी तोड़-फोड़ दिया गया, जो कि शर्मनाक कृ त्य है। अगर ये बैंच यथावत रहते हैं, यकीनन इस घाट पर आने वाले आगंतुक इनका प्रयोग प्रकृति के सौंदर्य को निखारने में अवश्य करते।
शरारती तत्वों ने तिरंगे के रंग में रंगे इन बैंचों को भी नहीं छोड़ा। लगता है कि शरारती तत्वों में देश के प्रति को सम्मान के भाव नहीं हैं। अगर ऐसा होता तो शायद तिरंगे के रंग में रंगे इन बैंचों के साथ ऐसा शर्मनाक कृत्य न करते।
*क्या कहते हैं पंचायत प्रधान*
जोगिन्द्र पौणू का कहना है कि प्रशासन के सहयोग से घाट पर पर्यटकों के लिए हर सुविधा मुहैया करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा था। घाट पर बैंचों का प्रावधान किया गया था लेकिन शरारती तत्वों द्वारा उन्हें तहस-नहस कर दिया गया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति घाट पर मादक पेयजल का सेवन करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध भी कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।
*जल्द लगेंगे सीसीटीवी कैमरे:आर्य*
पंचायत समिति सदस्य जोगिन्द्र देव आर्य का कहना है कि पंचायत और प्रशासन के सहयोग से पर्यटकों की सुविधा हेतू बैंच लगाए गए थे, उन्हें तोड़-फोड़ दिया गया। ऐसे शरारती तत्वों को काबू करने के लिए जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
ये तीसरी आँख इन शरारती तत्वों को काबू करने में कारगर सिद्ध होगी। आर्य ने कहा कि जिस किसी ने भी इस कार्य को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ यकीनन कानूनी कारवाई अमल में लाई जाएगी।