शिमला – जसपाल ठाकुर
वन विभाग में ड्यूटी के दौरान जान गवाने वाले कर्मियों के परिवारों को नौकरी मिलेगी। हिमाचल प्रदेश वन विभाग मिनिस्ट्रियल स्टाफ के अध्यक्ष प्रकाश बादल ने शुक्रवार को बताया कि वन विभाग में आग बुझाते हुए जान गवाने वाले दो कर्मचारियों के परिजनों को स्पेशल केस के रूप में सरकारी नौकरी दी गई है।
ड्यूटी के दौरान जान गवाने वाले कर्मियों को नौकरी मिलने पर खुशी जताई है। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश वन विभाग मिनिस्ट्रियल स्टाफ के प्रधान ने वन विभाग में वनों की रक्षा के लिए अपनी जान गवाने वाले योद्धाओं की अनदेखी को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई थी।
प्रकाश बादल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, वनमंत्री राकेश पठानिया, प्रधान सचिव वन ओंकार शर्मा और संयुक्त सचिव वन प्रवीण टॉक का धन्यवाद करते हुए खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके द्वारा वन विभाग के असली योद्धाओं को नौकरी देकर जो रास्ता खोला गया है, वह सराहनीय है।
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा करुणामूलक आधार पर मिलने वाली नौकरी के आर एंड पी रूल्स में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया गया है।
इस फैसले के तहत सरकारी नौकरी करते समय हिमाचल सरकार के किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उन्हें स्पेशल केस के रूप में तुरंत सरकारी नौकरी मिलेगी। यह पहल हिमाचल प्रदेश वन विभाग की ओर से शुरू हुई है।
हाल ही की कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश वन विभाग के दो कर्मचारियों, स्वर्गीय कल्याण सिंह वन कर्मी और राजेश कुमार वन रक्षक के आग बुझाते समय उनके दुखद निधन के बाद उनके परिजनों को स्पेशल केस के तौर पर तुरंत नौकरी मिले के फैसले से हुई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार में संयुक्त सचिव वन प्रवीण टॉक द्वारा 24 अगस्त 2022 को जारी एक आदेश के माध्यम से जारी आदेश से इस बात की पुष्टि हुई है।
पुरस्कारों को निरस्त करने की मांग
एक तरफ वन विभाग मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन सरकार के इस फैसले से बेहद खुश है, लेकिन बादल ने बताया कि वो हिमाचल सरकार से हाल ही में हुए पुरस्कारों के लिए अपनाई गई प्रक्रिया की जांच की मांग करते हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि हाल ही में वन विभाग द्वारा दिए गए पुरस्कारों को निरस्त कर, पुरस्कारों की प्रक्रिया को नए सिरे से चलाया जाए और पूरे प्रदेश से नामांकन मंगवाए जाएं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।