
व्यूरो रिपोर्ट
चिकित्सा खंड मशोबरा के तहत सीसे स्कूल डुब्लू में बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आते ही चिकित्सीय टीम ने तुरंत स्कूल पहुंचकर बच्चों का उपचार किया। इस विद्यालय के 90 विद्यार्थी अचानक बीमार हो गए। इनमें 90 बच्चों को गत तीन-चार दिनों से बच्चे खांसी, बुखार और गलेे की दर्द से त्रस्त थे।
आठवीं कक्षा के सभी 26 बच्चे बीमार पड़ गए, जिससे शिक्षक एवं स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। चिकित्सकों के अनुसार आइसक्रीम कैंडी, काफल, खुमानी, प्लम आदि कच्चे फलों का भारी मात्रा में उपयोग करना बीमारी का विशेष कारण बताया गया है।
स्थानीय लोगों द्वारा कोरोना फैलने के भी कयास लगाए जा रहे थे, जिसे डा. पुनीत द्वारा सिरे से खारिज कर दिया। सूचना मिलते ही बीएमओ डा. राकेश प्रताप द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशोबरा से चिकित्सा दल को स्कूल में भेजा गया, जिनके द्वारा स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया।
चिकित्सीय टीम में डा. पुनीत के अलावा स्वास्थ्य शिक्षक पुष्पा और सुपरवाइजर सरोज तथा स्थानीय स्तर पर कार्यरत तीन आशा वर्कर्ज उपस्थित रहीं। डा. पुनीत के अनुसार स्कूल के 90 बच्चे खांसी व बुखार से पीडि़त पाए गए, जिन्हें नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं और अब स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा स्थानीय दुकान पर अप्रमाणित जल से तैयार की गई आइसक्रीम कैंडी के अलावा कच्चे फलों के खाने से एक साथ इतने बच्चे बीमार हो गए। हालांकि स्कूल से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कार्यरत है।
कार्यवाहक प्रधानाचार्य रश्मि सेन ने बताया कि गत तीन-चार दिन से बच्चे खांसी गले की दर्द से बीमार चल रहे थे, जिन्हें तीन दिनों से लगातार आयुर्वेदिक औषधालय डुब्लु भेजा जा रहा था, लेकिन डिस्पेंसरी में चिकित्सक न होने की स्थिति में उन्हें आशा वर्कर्ज के माध्यम से बीएमओ मशोबरा से संपर्क करना पड़ा, जिनके द्वारा दो घंटे के भीतर मेडिकल टीम को स्कूल भेजा गया।
बीएमओ डा.राकेश प्रताप ने बताया कि पांच मई को प्रात: उन्हें डुब्लु स्कूल से बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली, जिस पर कार्रवाई करते हुए सीएचसी मशोबरा से मेडिकल टीम को डुब्लु स्कूल भेजा गया। अब सभी बच्चे अब सकुशल हैं।
बलोग में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान लीला दत, कार्यवाहक प्रधानाचार्य रश्मि सेन, पूर्व बीडीसी सदस्य करुणा धीमान सहित अनेक लोगों ने बीएमओ मशोबरा डा. राकेश प्रताप का स्कूल में मेडिकल टीम भेजने के लिए आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि बलोग पंचायत में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र डुब्लु में गत चार साल से ताला लटका हुआ है। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में स्टाफ न होने के कारण लोगों को उपयुक्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे लोगों को उपचार करवाने चायल, शिमला अथवा सोलन जाना पड़ता है।
