भेड़ खड्ड के पानी से पहाड़ी का हो रहा कटाव; ठीकरी पहरा देकर गुजार रहे रातें, बगलामुखी मंदिर को जाने वाली पौडिय़ां भी चढ़ी भेंट
कोटला – स्वयम
कोटला क्षेत्र के अधीन भेडख़ड्ड द्वारा कटाव किए जाने से लुटेड़ के बाशिंदों के घरों को खतरा पैदा हो गया है तो वहीं हरि सिंह पुत्र फिना राम की पांच कनाल फसल से लहलहाती भूमि रातोंरात रेत, बजरी, पत्थर से भरकर खड्ड बन चुकी है। लोगों की आस्था का केंद्र माता श्री बगलामुखी कोटला को जाने वाले रास्ते की पौडिय़ां भी खड्ड की भेंट चढ़ चुकी हैं।
लुटेड़ गांव की सुरक्षा हेतु पंचायत द्वारा तार युक्त क्रैट व आरसीसी डंगे लगाए गए थे परंतु कुछ दिन पहले हुई जोरदार बारिश उनको बहाकर ले गई जिससे अब खड्ड के पानी से पहाड़ी का कटाव हो रहा है जिससे उस पहाड़ी पर बसे घरों को खतरा पैदा हो गया है।
लुटेड़ गांव के ग्रामीण राम प्रकाश, नर्मदा देवी, प्रेम भारद्वाज, शिव कुमार, अजय कुमार, श्रेष्ठा देवी, शकुंतला देवी, सुल्तान मोहम्मद, राजकुमार, करतार सिंह, बलविंदर कुमार इत्यादि के घरों को भेडख़ड्ड की बाढ़ से खतरा पैदा हो गया है। उक्त गांव के लोग खतरे से दहशत के साए में जी रहे हैं।
अब तो लुटेड़ गांव के लोग रात को बारी-बारी से ठीकरी पहरा देते हैं। गांववासियों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से मांग की है कि लुटेड़ गांव की हिफाजत हेतु तुरंत बाढ़ राहत कोष से धन का प्रावधान कर सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाया जाए।
एसडीएम ज्वाली के बोल
इस बारे में एसडीएम ज्वाली विचित्र सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार कोटला को मौका पर ग्राउंड रिपोर्ट बनाकर भेजने के आदेश कर दिए हैं। रिपोर्ट आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

