
खस्ताहाल मार्गों से गुजरना खतरे से कम नहीं, गड्ढे-बिखरी बजरी हर पल दे रही हादसे को न्योता
ज्वाली – व्यूरो रिपोर्ट
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली में ‘दीपक तले अंधेरा वाली’ कहावत चरितार्थ हो रही है। लोक निर्माण विभाग ज्वाली के कार्यालय के बाहर ही सडक़ की हालत इतनी खराब है कि हर कोई यहां से गुजरने पर सरकार, प्रशासन सहित लोक निर्माण विभाग ज्वाली को कोस रहा है।
राजा का तालाब-कैहरियां निकासी नालियों का कोई प्रावधान नहीं है। पंचायतघर कैहरियां के पास ही निकासी नाली लबालब गाद से भरी पड़ी है, जिस कारण पानी सडक़ पर बहता है। गड्ढों के कारण रोड़ी बाहर झांक रही है। जगह-जगह बजरी बिखरी पड़ी है तथा खस्ताहाल मार्गों के कारण ही ज्यादा एक्सीडेंट हो रहे हैं।
खस्ताहालत सडक़ों की हालत ही ज्वाली की बाउंडरी बता देती हैं। लोक निर्माण विभाग ज्वाली के अधीन आने वाला हर मार्ग खस्ताहाल है, जिनसे वाहन लेकर गुजरना तो दूर, पैदल चलना भी मौत को दावत देने के माफिक है।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि भाजपा राज में भी जवाली की सडक़ों का यही हाल रहा और अब कांग्रेस राज में भी यही हाल है। कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार भी सडक़ों की हालत में कोई सुधार नहीं करवा पा रहे हैं।
वाहन चालकों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खूए लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मंत्री चन्द्र कुमार व लोक निर्माण विभाग ज्वाली से मांग की है कि ज्वाली की सडक़ों की हालत को सुधारा जाए।
अधिशाषी अभियंता रवि भूषण के बोल
इस बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि भूषण ने कहा कि मार्गों की हालत को सुधारा जाएगा। गर्मियों के सीजन में 31 किलोमीटर टायरिंग की जाएगी। गड्ढों को पैचवर्क करके ठीक किया जाएगा।
इन मार्गों की बिगड़ी सूरत
बस अड्डा ज्वाली मार्ग, ज्वाली -हार-बलदोआ मार्ग, ज्वाली -हार-चेलियां मार्ग, ज्वाली -नगरोटा सूरियां मार्ग, ज्वाली -ढन-गुगलाड़ा मार्ग, ज्वाली -कुठेड़ 32 मील मार्ग, ज्वाली -हार-बंडेरू-धेवा मार्ग, ज्वाली -जौंटा मार्ग की हालत काफी खराब है।
