उत्तर प्रदेश/ प्रतापगढ़, सूरज विश्वकर्मा
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के राजस्व विभाग ने जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी जमीन दूसरे के नाम वरासत कर दी। भू स्वामी की मृत्यु होने के बाद जब बेटे वरासत कराने गए तो मामले का खुलासा हुआ। उसके बाद से वह लोग अपनी जमीन पाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनको न्याय नहीं मिला है।
कालाकांकर के जाजूपुर निवासी राजेन्द्र प्रसाद, राजदेव व हरिशंकर ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पिता मथुरा प्रसाद की वर्ष 2017 में मृत्यु हुई थी। इसके बाद पिता के नाम भूमि का वरासत कराने के लिए उन्होंने खतौनी निकाली तो पता चला कि वर्ष 2015 में ही उनके पिता को मृत दिखाकर गांव के तीन अन्य लोगों के नाम वरासत कर दिया गया है। उसके बाद से तीनों भाई न्याय पाने के लिए तहसील का चक्कर लगा रहे हैं।
राजस्वकर्मियों ने अपने खेल को छिपाने के लिए पीड़ित को मुकदमा दायर कर अभिलेख में सुधार कराने की सलाह दी। पीड़ितों ने तहसीलदार के न्यायालय में वाद भी दायर किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पीड़ितों ने अफसरों से न्याय दिलाने व हल्का लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे। तहसीलदार रामजन्म यादव का कहना है कि मामले की जानकारी है। जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।