
व्यूरो रिपोर्ट
डाडासीबा इलाके में पिछले कुछ दिनों से जियो का सिग्नल कम होने के कारण हजारों उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। ऐसी स्थिति में लोग जियो की कार्यप्रणाली कोस रहे रहे हैं। ऐसे में कई लोग अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
यह बोले स्थानीय लोग व उपभोक्ता
स्थानीय लोगों में जतिंदर सिंह ,जसवीर सिंह, मनीष कुमार अचल पठानिया प्रवीण मेहता, कृष्ण दत्त शर्मा , साहिल मैहरा, आशू, करण, निहाल, रोहित, विनीत, आरयन, नवीन मैहता, रजत सूद व अन्य लोगों का कहना है कि जियो के सिग्नल की बात करें तो डाडासीबा क्षेत्र के गांव कलेहड़, बलघार, सयुल खड्ड, नंगल चौक, तयामल कई दिनों से सिग्नल बहुत कम आ रहा है, जिससे हर कोई उपभोक्ता परेशान है ।
इन उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी किसी ग्रामीण को इस सिम पर फोन करना होता है तो सिग्नल ढूंढने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है, परंतु फिर भी बात करते-करते ही फोन बीच में ही कट जाता है, जिससे काल के पैसे बेवजह चुकाने पड़ रहे हैं।
इनका कहना है कि कई जगहों पर तो हालात ऐसे हैं कि घर के अंदर रखे मोबाइल तो शोपीस बन जाते हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जियो का सिग्नल यहां बड़ी मुश्किल से ढूंढना पड़ रहा है।
ठगा सा महसूस कर रहे लोग
लोगों का कहना है कि रिलायंस की सुविधाएं जब से बंद हुयीं हैं तब रिलायन्स उपभोक्ताओं ने अपने नंबर जियो में पोर्ट करवाये थे। लेकिन जियो की सुविधाएं लोगों तक पुख्ता तौर से नहीं पहुंच पा रही हैं।
जियो उपभोक्ता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। पर्याप्त सिग्नल न मिलने पर लोग परेशान नजर आ रहे हैं। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सिग्नल की समस्या का उचित हल निकाला जाये, ताकि उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
