
नाहन, 07 जनवरी – नरेश कुमार राधे
शहर की एक 14 साल की क्यूट बच्ची शनिवार तड़के जिंदगी की जंग हार गई। ढाबों मोहल्ला स्थित संजीवनी (सिया) के घर पहुंचे सहपाठियों की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे।
स्कूली छात्रों को यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अब उनकी एक साथी इस दुनिया में नहीं है। सिया के निधन की सूचना मिलते ही शिशु विद्या निकेतन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने छुट्टी का ऐलान कर दिया था।
इसके बाद बड़ी संख्या में स्कूली छात्र यूनिफार्म में ही अपनी क्लासमेट को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच गए। मोक्ष धाम में भी शायद ऐसा मार्मिक नजारा पहली बार ही होगा, जब आठवीं व नौवीं कक्षा के छात्र किसी अंतिम संस्कार में पहुंचे हों।
अंतिम संस्कार में पहुंचे हर शख्स की आंखें उस समय और अधिक नम हो उठी, जब देखा कि दिवंगत संजीवनी का नन्हा भाई अपने स्कूल में पढ़ने वाले चचेरे भाई के साथ मुखाग्नि दे रहा है।
बता दें कि क्यूट से बच्ची को तकरीबन 4 साल पहले अमोनिया बढ़ने की शिकायत हुई थी। इसके बाद वह स्वस्थ होकर स्कूल भी जाने लगी थी, लेकिन करीब चार सप्ताह पहले तबीयत बिगड़ने लगी। पीजीआई से बताया गया की संजीवनी का लीवर फेल हो गया है।
आईएनआर में अप-डाउन के कारण हालत स्थिर नहीं हो रही थी। राज्य सहकारी बैंक में कार्यरत पिता सुनील व ताया अनिल ने सिया को बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
परिवार ने बताया कि वो इतनी बहादुर थी कि पीजीआई में उपचार के दौरान कुछ ट्रीटमेंट बगैर एनेस्थीसिया के भी लिया था।
उधर, शिशु विद्या निकेतन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य कुंदन चौहान ने बताया कि सिया का हाल ही में फर्स्ट टर्म की परीक्षा का परिणाम भी आया था। बीमार रहने के बावजूद सिया ने संतोषजनक अंक प्राप्त किए थे।
उन्होंने कहा कि सिया अपनी ही तरह का एक खास बच्ची थी। शहर में नन्ही बच्ची की निधन की खबर जिसने भी सुनी, वह स्तब्ध रह गया। गौरतलब है कि दिवंगत सिया के दादा अर्जुन सिंह राज्य सहकारी बैंक के रिटायर्ड कर्मी हैं।
नन्ही बच्ची के आकस्मिक निधन पर समूचे शहर में शोक की लहर है। एसवीएन स्कूल के स्टाफ ने होनहार छात्रा के निधन पर शोक प्रकट किया है।
