
??????????
*****|| जय श्री राधे ||*********
?? *महर्षि पाराशर पंचांग* ??
??? *अथ पंचांगम्* ???
*****ll जय श्री राधे ll*********
??????????
*दिनाँक-: 25/03/2021,गुरुवार*
एकादशी, शुक्ल पक्ष
फाल्गुन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””” “(समाप्ति काल)
तिथि ——-एकादशी 09:46:48 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ——-आश्लेषा 22:47:48
योग ———–सुकर्मा 10:01:39
करण ——विष्टि भद्र 09:46:48
करण ————-बव 21:09:40
वार ————————-गुरूवार
माह ————————-फाल्गुन
चन्द्र राशि ——कर्क 22:47:48
चन्द्र राशि ——————–सिंह
सूर्य राशि ———————मीन
रितु —————————वसन्त
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————–शार्वरी
संवत्सर (उत्तर) ————-प्रमादी
विक्रम संवत —————-2077
विक्रम संवत (कर्तक)——2077
शाका संवत —————-1942
वृन्दावन
सूर्योदय —————-06:18:46
सूर्यास्त —————–18:31:47
दिन काल ————–12:13:01
रात्री काल ————-11:45:51
चंद्रोदय —————-14:59:19
चंद्रास्त —————–28:47:16
लग्न —-मीन 10°27′ , 340°27′
सूर्य नक्षत्र ——–उत्तराभाद्रपदा
चन्द्र नक्षत्र —————-आश्लेषा
नक्षत्र पाया ——————–रजत
*??? पद, चरण ???*
डू —-आश्लेषा 11:05:39
डे —-आश्लेषा 16:58:13
डो —-आश्लेषा 22:47:48
मा —-माघ 28:34:30
*??? ग्रह गोचर ???*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
========================
सूर्य= मीन 10°52 ‘ उo भा o, 3 झ
चन्द्र = कर्क 20°23 ‘ अश्लेषा , 2 डू
बुध = कुम्भ 18°57′ शतभिषा’ 4 सू
शुक्र= मीन 10°55, उ oभा o ‘ 3 झ
मंगल=वृषभ 18°30 ‘ रोहिणी ‘ 3 वी
गुरु=मकर 27°22 ‘ धनिष्ठा , 2 गी
शनि=मकर 15°43 ‘ श्रवण ‘ 2 खू
राहू=(व)वृषभ 20°20 ‘मृगशिरा , 4 वु
केतु=(व)वृश्चिक 20°20 ज्येष्ठा , 2 या
*???शुभा$शुभ मुहूर्त???*
राहू काल 13:57 – 15:29 अशुभ
यम घंटा 06:19 – 07:50 अशुभ
गुली काल 09:22 – 10:54 अशुभ
अभिजित 12:01 -12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 10:23 – 11:12 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:16 – 16:05 अशुभ
?गंड मूल अहोरात्र अशुभ
?चोघडिया, दिन
शुभ 06:19 – 07:50 शुभ
रोग 07:50 – 09:22 अशुभ
उद्वेग 09:22 – 10:54 अशुभ
चर 10:54 – 12:25 शुभ
लाभ 12:25 – 13:57 शुभ
अमृत 13:57 – 15:29 शुभ
काल 15:29 – 17:00 अशुभ
शुभ 17:00 – 18:32 शुभ
?चोघडिया, रात
अमृत 18:32 – 20:00 शुभ
चर 20:00 – 21:28 शुभ
रोग 21:28 – 22:56 अशुभ
काल 22:56 – 24:25* अशुभ
लाभ 24:25* – 25:53* शुभ
उद्वेग 25:53* – 27:21* अशुभ
शुभ 27:21* – 28:49* शुभ
अमृत 28:49* – 30:18* शुभ
?होरा, दिन
बृहस्पति 06:19 – 07:20
मंगल 07:20 – 08:21
सूर्य 08:21 – 09:22
शुक्र 09:22 – 10:23
बुध 10:23 – 11:24
चन्द्र 11:24 – 12:25
शनि 12:25 – 13:26
बृहस्पति 13:26 – 14:27
मंगल 14:27 – 15:29
सूर्य 15:29 – 16:30
शुक्र 16:30 – 17:31
बुध 17:31 – 18:32
?होरा, रात
चन्द्र 18:32 – 19:31
शनि 19:31 – 20:29
बृहस्पति 20:29 – 21:28
मंगल 21:28 – 22:27
सूर्य 22:27 – 23:26
शुक्र 23:26 – 24:25
बुध 24:25* – 25:24
चन्द्र 25:24* – 26:22
शनि 26:22* – 27:21
बृहस्पति 27:21* – 28:20
मंगल 28:20* – 29:19
सूर्य 29:19* – 30:18
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*?दिशा शूल ज्ञान———————दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*? अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
11 + 5 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*? शिव वास एवं फल -:*
11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक
*?भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
प्रातः 09:46 तक समाप्त
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी
*?? विशेष जानकारी ??*
* आँवला एकादशी व्रत
* रंगभरनी एकादशी (वृन्दावन)
* लठ्ठमार होली जन्मभूमि मथुरा वृन्दावन होली प्रारम्भ
* गोविन्द द्वादशी
* खाटूश्याम जी मेला
*??? शुभ विचार ???*
भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर्वराङ्गना ।
विभवो दानशक्तिश्च नाऽल्पस्य तपसः फलम् ।।
।।चा o नी o।।
भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन करने की क्षमता, सुन्दर स्त्री और उसे भोगने के लिए काम शक्ति, पर्याप्त धनराशी तथा दान देने की भावना – ऐसे संयोगों का होना सामान्य तप का फल नहीं
*??? सुभाषितानि ???*
गीता -: कर्मयोग अo-3
प्रकृतेः क्रियमाणानि गुणैः कर्माणि सर्वशः ।,
अहंकारविमूढात्मा कर्ताहमिति मन्यते ॥,
वास्तव में सम्पूर्ण कर्म सब प्रकार से प्रकृति के गुणों द्वारा किए जाते हैं, तो भी जिसका अन्तःकरण अहंकार से मोहित हो रहा है, ऐसा अज्ञानी ‘मैं कर्ता हूँ’ ऐसा मानता है॥,27॥,
*?? दैनिक राशिफल ??*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
?मेष
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। संतान संबंधी चिंता कम होगी। स्वाभाविक सोच में बदलाव आएगा। रुका पैसा प्रयास करने पर प्राप्त होने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा।
?वृष
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। प्रमाद न करें। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। अपनी योजनाओं में परिवर्तन करना होगा। प्रतिस्पर्धा, शत्रुता से परेशानी संभव है। अनसोचे कामों में हाथ नहीं डालें।
?मिथुन
मेहमानों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धनार्जन होगा। नियमित कर्ज, लेनदेन में कटौती करना होगी। योजनाओं पर चर्चा, कार्य के प्रति लगन रह पाएगी। नौकरी, राज्यपक्ष में स्थायित्व की बात आएगी।
?कर्क
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम न लें। बड़े व्यक्तियों से भेंट का लाभ मिलेगा। कानूनी कार्यों में समय सीमा का ध्यान रखें। व्यवहारकुशलता का लाभ मिलेगा। व्यावसायिक श्रेष्ठता रहेगी।
?सिंह
कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। तंत्र-मंत्र में रुचि बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शुभ समय। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। पैतृक संपत्ति के क्षेत्रों में उन्नति होगी। नौकरी में संयत व्यवहार आवश्यक है।
?♀️कन्या
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन भोजन का आनंद मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। मनोविनोद के अवसर मिलेंगे। भाई-बहनों से संबंध प्रगाढ़ होंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। रचनात्मक काम होंगे।
⚖️तुला
व्यर्थ दौड़धूप रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बुरी खबर मिल सकती है। चिंता रहेगी। मानसिक शांति रहेगी। व्यापारिक विवादों का आसान हल निकाल सकेंगे। वाणी पर संयम रखना चाहिए। अधीनस्थों से मदद मिलेगी।
?वृश्चिक
आकस्मिक खर्च अधिक होगा। तनाव रहेगा। थकान रहेगी। जोखिम न लें। धैर्य रखें। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। संघर्ष, भागदौड़ के बाद रोजगार में इच्छित सफलता मिलने के योग हैं। परिवार, समाज में आपके कार्यों को महत्व दिया जाएगा।
?धनु
योजना फलीभूत होगी। कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रमाद न करें। संतान, भाइयों से लाभ होगा। घरेलू उपयोग की वस्तुएँ क्रय करेंगे। सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। व्यापारिक योजनाओं को गोपनीय बनाकर रखें।
?मकर
राजकीय मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रेम प्रस्ताव मिल सकता है। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। सामान्य प्रतिष्ठा, सम्मान से उत्साहित रहेंगे। खर्चों में कमी का प्रयास करना होगा। व्यापार-व्यवसाय में विवेक से निर्णय लेने पर आशानुकूल लाभ के योग हैं।
?कुंभ
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल लाभ देंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। जोखिम न लें। जल्दबाजी न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। उच्चाधिकारियों से सम्मान एवं महत्व प्राप्त हो सकेगा। रुके हुए धन की प्राप्ति होगी। पूँजी निवेश लाभदायी रहेगा।
?मीन
चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से बचें। थकान रहेगी। परिवार में आर्थिक समस्या को लेकर विचार-विमर्श होगा। दूसरों से अपमानजनक व्यवहार न करें। कार्यक्षेत्र में इच्छित सफलता व संतोष रहेगा।
?आपका दिन मंगलमय हो?
?????????
