
दुराना – राजेश कुमार
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि चौधरी चंद्र कुमार के चुनाव जीतने और हिमाचल में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने से कोटला पुलिस चौकी जोकि 1926 में अस्तित्व में आई थी और आजतक पुलिस थाना का रुप नहीं ले पाई है।
जबकि इसके बाद बनी कई पुलिस चौकियां आज पुलिस थाना का रूप ले चुकी हैं। जबकि पुलिस चौकी कोटला को पुलिस थाना का दर्जा दिया जाना प्रशासनिक दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस चौकी कोटला के अधिनस्थ कोटला बैल्ट की पंद्रह पंचायतों के बाशिंदों को पुलिस संबंधी कार्यों को करवाने के लिए काफी दूरी तय करके पुलिस थाना ज्वाली में जाना पड़ता है।
जिससे समय और धन का बोझ कोटला बैल्ट की जनता को सहना पड़ता है और पुलिस चौकी कोटला के नैशनल हाइवे पर होने से सड़क दुघर्टना के मामलों से निपटना भी हर समय पुलिस चौकी कोटला केलिए कड़ी चुनौती बनी रहती है।
इसके अलावा कोटला उपतहसील का दर्जा फुल तहसील के रुप में करके तहसील नगरोटा सुरियां, फतेहपुर, नूरपुर, इंदौरा को जोड़कर ज्वाली को जिला बनाने का रास्ता भी जनहित में प्रशासनिक आधार पर प्रशस्त हो सकता है।
अतः ज्वाली विधानसभा की प्रबुद्ध जनता से अनुरोध है कि समय समय पर अपने अपने क्षेत्रों से सुझाई गई जनहित मांगों की आवाज बुलंद करते रहें ताकि आगामी पांच वर्षों में सुझाए गए जनहित कार्यों को चौधरी चंद्र कुमार के राजनीति प्रभाव एवं अनुभव से धरातल पर उतारा जा सके।
