चम्बा – भूषण गुरुंग
मणिमहेश यात्रा अधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। जन्माष्टमी पर छोटा न्हौण भी शुरू हो गया है। अभी भी हजारों श्रद्धालु मणिमहेश के लिए रुख कर रहे हैं। इसी बीच चंबा से भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूणा के समीप शनिवार सुबह करीब 10 बजे भारी भूस्खलन से बंद हो गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से मणिमहेश यात्रा पर जा रहे हजारों श्रद्धालु फंस गए हैं।
पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आने से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हज़ारों श्रद्धालु कई घंटों से जाम में फंसे हुए हैं। आज से शुरू हुई उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 31 अगस्त तक चलेगी।
पहले ही दिन भूस्खलन की घटना ने श्रद्धालुओं की राह कठिन बना दी। प्रशासन ने जेसीबी और मशीनरी लगाकर सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। मलबा भारी मात्रा में होने व बड़ी चट्टानें होने के कारण मार्ग बहाली में समय लग सकता है।
विभाग ने लगाई मशीनरी
विभाग के अधिशाषी अभियंता मीत शर्मा ने बताया कि सुबह दस बजे के आसपास लूणा में भारी भूस्खलन होने से मार्ग बंद हुआ है। विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंच चुकी है और लगातार मलबा हटाने का कार्य जारी है।
जन्माष्टमी का पवित्र छोटा शाही स्नान
मणिमहेश यात्रा के दौरान डल झील में शुक्रवार रात 11.50 बजे से छोटा शाही स्नान शुरू हो गया। पंडित सुमन शर्मा के अनुसार छोटा शाही स्नान 16 अगस्त रात करीब 9.30 बजे तक चलेगा। शुभ मुहूर्त में डल झील में आस्था की डुबकी लगाना शास्त्रों में बेहद शुभ और लाभकारी माना गया है। जन्माष्टमी के छोटे न्हौण के लिए काफी संख्या में शिव भक्त मणिमहेश के लिए निकले हैं। 21 घंटे 45 मिनट के इस शुभ मुहूर्त में लाखों की संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश डल झील में डुबकी लगाएंगे।
सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा
31 अगस्त को राधा अष्टमी का पवित्र शाही स्नाना ( बड़ा न्हौण) भी इस बार अगस्त माह में आने के चलते इसे गर्म न्हौण की संज्ञा दी जा रही है। लिहाजा यात्रा पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के उम्मीद है। उधर अधिकारिक यात्रा शुरू होने से पहले ही सुरक्षा कर्मियों सहित प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने जगह-जगह मोर्चा संभाल लिया है।