चम्बा – भूषण गुरुंग
चंबा के भटियात क्षेत्र के बकलोह में गोरखा समुदाय के लोगों ने भाई दूज का त्यौहार बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया। भाई दूज के इस पावन त्यौहार में बहनों द्वारा अपने भाई के लिए एक हफ्ते पहले की भाई दूज के टीका का न्योता दिया जाता है। चाहे देश या प्रदेश के किसी भी कोने में भाई हों इस त्यौहार को मनाने के लिए जरूर आते हैं।
बहने भी इस त्यौहार को मनाने के लिए एक महीने पहले से ही तैयारी में जुट जाती हैं। इस दिन बहनों द्वारा अपने भाइयों के लिए सेल रोटी, फिनी, गुजिया, आलू की चटनी के अलावा वेज और नॉन वेज के अलावा उनके मनपसंद व्यंजन बनाए जाते है।
इस दिन बहने सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी देवी देवताओ को पूजने के बाद भाइयों की खुशहाली और उनकी सुख समृद्धि के लिए एक विशेष प्रकार का तिलक बनाया जाता है। जिसमें एक सफेद रंग का लंबा तिलक लगा कर उनके सुख समृद्धि के लिए उनके लिए ऊपर लाल नीला और पीला तीन रंगों का तिलक भाइयों के माथे में लगाया जाता है और गेंदे के फूलो का हार पहना उनकी आरती उतारी जाती है।
उसके बाद उनको उनके मन पसंदीदा भोजन परोसा जाता है। इसके एवज में भाई लोग अपनी बहनों को कीमती सामान और पैसे आदि देते है। इस दिन घरों में बहुत रौनक होती है और इस मौके में सभी परिवार मिल कर नाच गाना किया जाता हैं और शाम होने से पहले सभी भाई लोग अपने अपने परिवार के साथ अपने घर लौट जाते हैं।

