चम्बा – भूषण गुरुंग
बकलोह क्षेत्र के गोरखा समुदाये के लोगो ने आज पांच दिवसीय दीपावली का त्यौहार का समापन बहुत धूमधाम के साथ किया गया। इस त्यौहार को मनाने के लिये बहने अपने भाई लोगो को दीपावली से एक महीने पहले ही न्यौता भेजा जाता है।
घरो के बजुर्ग औऱ महिलाये सुबह सबसे पहले उठकर नहा धोने के बाद घर की कुलदेवी और देवी देवताओ का पुजन करते हैं। उसके बाद सबसे पहले घर के मुख्या दरबाजे की पूजा की जाती है। उसके बाद भाईयो को बिठाकर उनकी आरती उतार कर सभी भाइयो को हार पहनाकर उनके माथे में सफ़ेद रंग का एक लंबा तिलक लगाया जाता है। उस के ऊपर तीन रंग लाल, पीला औऱ नीला रंग का तिलक लगाया जाता है। जो कि भाई लोगो की लंबी उम्र और सूख समृद्धि के प्रतीक होता हैं।
उसके एबज में भाई लोग बहनों को अपने हैसियत के मुताबिक सोने के आभूषण कपड़े और पैसे देते है। बहने भी अपने भाई लोगो की खातिर दारी में कोई भी कसर नही छोड़ती है। बहने लोगो अपने हाथों से बनाये गए पकवान जैसे सेलरोटी, फिनि, बटुक, आलू की चटनी, गुजिया के अलावा कई प्रकार के मिष्ठान औऱ व्यंजन भाई लोगो के आगे परोषा जाता है।
भाई लोग भी अपने बहनों के हाथों बनाये गए व्यंजन का पूरा आनन्द लेकर खाते हैं। भाई लोग चाहे कितने भी दूर कियो ना हो अपने बहनों को मिलाने भाई दूज के दिन उनके घरों में ज़रूर जाते है। भाई दूज का त्यौहार मनाने के बाद सभी लोग मिलजुल कर खूब नाच गाना करते हैं औऱ उसके बाद सभी खुशी खुशी शाम को अपने अपने घरो में लौट जाते हैं।

