
ऊना – अमित शर्मा
गोबिंद सागर झील में 7 युवकों की डूबने के चलती हुई मौत की घटना के बाद सभी शवों को रीजनल अस्पताल लाया गया. वहीं मंगलवार को बेहद गमगीन माहौल के बीच इन युवकों के पोस्टमार्टम करने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द किया गया.
सुबह सवेरे ही मृतकों के परिजन शव को ले जाने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे. जिसके चलते शवों को देखते ही तमाम मृतकों के परिजन और रिश्तेदार अस्पताल परिसर में फूट-फूटकर रोते देखे गए. सभी शवों को पंजाब के मोहाली जिला के बनूड़ ले जाने के लिए पंजाब प्रशासन की तरफ से 7 एंबुलेंस भेजी गई थी.
दूसरी तरफ इस सनसनीखेज घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा किसी भी व्यक्ति के गोबिंद सागर झील में उतरने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. डीसी राघव शर्मा ने इस संबंध में आदेश पारित कर दिए हैं. वहीं पोस्टमार्टम के दौरान ही सभी मृतक युवकों के परिजनों को जिला प्रशासन की तरफ से तहसीलदार बंगाणा ने फौरी राहत राशि प्रदान की.
मृतकों के परिजनों के साथ साथ कस्बा बनूड़ के वार्ड 11 के पार्षद भजन लाल नंदा भी तमाम लोगों के साथ शवों को ले जाने के लिए पहुंचे थे. बता दें कि गोबिंद सागर झील में हुई घटना के दौरान जान गंवाने वाले सभी युवा बनूड़ के वार्ड 11 के रहने वाले बताए गए हैं.
पार्षद भजन लाल नंदा ने बताया कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक उनके वार्ड के करीब 11 युवक पीर निगाह में माथा टेकने के बाद बाबा बालक नाथ जाने के लिए गोबिंद सागर झील के किनारे मोटर बोट से झील पार्क करने का प्रयास में थे.
इसी दौरान कुछ युवक नाविक से बात करने के लिए गए थे. वहीं झील के किनारे खड़े युवकों में से एक युवक का पैर फिसलने से वह गोबिंद सागर झील में गिरा और उसी को बचाने के चक्कर में चेन बनाकर गोविंद सागर झील में उतर 6 अन्य युवक भी अपनी जान गंवा बैठे. हालांकि सोनू नाम का 8 वां युवक जो झील में उतरा था उसे साथ के अन्य युवकों ने कड़ी मशक्कत से बचा लिया है.
बनूड़ से ही मृतक युवकों के शव ले जाने के लिए पहुंचे उनके पड़ोसी कृष्ण कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही बनूड़ में माहौल बेहद गमगीन है. न केवल मृतकों के घरों में अपितु पूरे शहर में इस घटना के बाद से लोग मातम में हैं.
