गर्म पानी से पैर जलने पर असहाय तेज बहादुर का कार सेवा दल ने करवाया इलाज

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कुल्लू, मनदीप सिंह 

कुल्लू जिला की सैंज घाटी में पिछले 26 अप्रैल को एक प्रवासी मजदूर जिसका नाम तेज बहादुर है किराए के मकान में रहते हैं चूल्हे में पानी गरम करते हुए अचानक ध्यान कहीं और गया और गरम- खोलता हुआ पानी तेग बहादुर के पैरों पर गिर गया। जिससे दोनों पैर जल गए।

घर पर केवल 13 साल की बेटी ही थी। थोड़ी बहुत दवाई मेडिकल स्टोर से लेकर आई। तेज बहादुर कुछ दिन घर पर ही लेटे रहे। जिससे जखम काफी गहरा होता गया। तेज बहादुर की जानकारी स्थानीय व्यक्ति द्वारा कार सेवा दल द्वारा नियुक्त किए गए सैंज के महेश, सुरेश, महिंद्र को दी गई ।

प्रभारियों द्वारा इसका इलाज सरकारी डिस्पेंसरी से शुरू करवाया गया। लेकिन गहरे घाव की वजह से मरीज को इलाज संभव नहीं था। आगामी इलाज के लिए मरीज को बड़े अस्पताल की जरूरत थी । सैंज प्रभारियों द्वारा इस मरीज की जानकारी कार सेवा दल के अध्यक्ष मनदीप सिंह को दी गई।

संस्था के अध्यक्ष द्वारा आगामी इलाज के लिए हामी भरी और प्रभारियों द्वारा इन्हें इलाज के लिए कुल्लू भेज दिया गया। जहां संस्था के अधिकारियों द्वारा इन्हें एडमिट करवा कर इनका इलाज शुरू करवा दिया गया। लेकिन तेज बहादुर का इलाज कुल्लू भी संभव नहीं था। क्षेत्रीय अस्पताल के डॉक्टरों ने भी इन्हें शिमला को रेफर कर दिया लेकिन संस्था के सदस्यों ने गुजारिश की और तेज बहादुर की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया और इसका इलाज यही करवाने की गुजारिश की और संस्था ने इलाज के लिए अपनी जिम्मेदारी ली और इलाज का खर्चा उठाया।

मरीज को दवाइयों व अन्य हर प्रकार की सुविधा दी गई। पैरों का जख्म इतना खराब हो गया था कि इसे कम से कम एक हफ्ते तक इलाज में काफी मुश्किलें आई । धीरे-धीरे इसके पांव में सुधार आना भी शुरू हो गया। तेग बहादुर के साथ इसके गांव से आई 13 साल की बेटी कविता ने बहुत हिम्मत दिखाई।

दिन-रात अपने पिता के साथ रही और आसपास के मरीजों की भी मदद करती थी। धीरे धीरे इलाज होने से पैरों के जख्मों मैं अब काफी सुधार आना शुरू हो गया। हर रोज तेज बहादुर को ड्रेसिंग की जरूरत होती ।

डॉक्टरों का कहना है कि कुल्लू जिला में करोना की मरीज बढ़ते जा रहे हैं, जिस कारण यहां एडमिट मरीजों को भी किसी प्रकार की दिक्कत ना आए। बाकी का इलाज जैसे पट्टी बदलना और दवाई समय से लेना इत्यादि घर भी जा कर कर सकते हैं।

20 दिन की सेवा के पश्चात डॉक्टरों द्वारा इन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। कार सेवा दल संस्था द्वारा तेग बहादुर को इलाज के पश्चात 2 माह का राशन 2 महीने की दवाइयां ड्रेसिंग का सामान वैशाखी दी गई। कार सेवा दल के अध्यक्ष मनदीप सिंह द्वारा इन्हें संस्था की एंबुलेंस से घर छोड़ कर दिया गया।

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