दूध खरीद के दाम बढ़ाने का सिलसिला जारी रहेगा, 31 मार्च तक दूध की खरीद के लिए बनेगा डिजिटल सिस्टम, मुख्यमंत्री ने रामपुर के दत्तनगर में दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का किया आरंभ।
शिमला – नितिश पठानियां
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालन विभाग में 900 वेटरनरी फार्मासिस्ट की भर्ती करने जा रही है। कोई भी किसान दूध का दाम बढ़ाने की मांग लेकर उनके पास नहीं आया, लेकिन उन्होंने गांव के लोगों के हाथ में पैसा पहुंचाने के लिए इसका दाम 13 से 15 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
यह बात उन्होंने शुक्रवार को रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दत्तनगर में 25.67 करोड़ रुपये से तैयार मिल्कफेड के 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का आरंभ करने के दौरान कही। अब संयंत्र की क्षमता 70 हजार लीटर प्रतिदिन हो गई है।
‘लगभग 20 हजार किसानों को लाभ मिलेगा’
इसमें फ्लेवर्ड मिल्क, खोया, घी, मक्खन, पनीर, लस्सी व दही का उत्पादन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता बढ़ने से शिमला, कुल्लू, मंडी व किन्नौर के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे। इससे क्षेत्र की 271 दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 20 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। 31 मार्च 2025 तक एक ऐसी डिजिटल प्रणाली आरंभ की जाएगी, जिससे दूध की खरीद में पारदर्शिता आएगी और किसानों को एसएमएस के माध्यम से दूध की गुणवत्ता व इसके मूल्य की जानकारी मिल सकेगी।
‘चुनावी लाभ के लिए 5000 करोड़ की रेवड़ियां बांटीं’
इसके तहत दूध की खरीद का समय पर डाटा उपलब्ध होगा और किसानों को पैसा उनके बैंक खाते में प्राप्त हो सकेगा। सीएम ने कहा कि देवी-देवताओं और जनता के आशीर्वाद से उन्होंने हर चुनौती पार की है। पूर्व की जयराम सरकार ने बिना बजट और बिना स्टाफ के शिक्षण संस्थान व स्वास्थ्य संस्थान खोल दिए। चुनावी लाभ के लिए 5000 करोड़ रुपये की रेवड़ियां बांटीं।
वहीं कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि युवा पीढ़ी खेतीबाड़ी से पीछे हट रही है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दत्तनगर में दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का लोकार्पण करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
‘मैं आम परिवार से, मेरी माता गांव में करती हैं खेती’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आम परिवार से संबंध रखते हैं और उनकी माता भी गांव में खेती करती हैं। प्रदेश सरकार ने मनरेगा की दिहाड़ी में 60 रुपये वृद्धि कर 300 रुपये की है। साथ ही प्राकृतिक खेती से उत्पन्न मक्की को 30 रुपये व गेहूं को 40 रुपये किलो खरीदा जा रहा है। मक्की की खरीद आरंभ हो चुकी है और अगले सीजन से गेहूं की भी की जाएगी।