खबर का असर, कोलतार प्लांट पर एसडीएम सहित पहुंचे प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी

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मौके पर नहीं निकला धुंआ, एसडीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए जांच के आदेश।

कोटला – व्युरो

हिमाचल प्रदेश के अग्रणी मीडिया ग्रुप हिमख़बर टीवी द्वारा भाली में फोरलेन निर्माण में जुटी पीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के कोलतार प्लांट का मुद्दा उजागर करते ही जिलाधीश कांगड़ा डॉक्टर निपुण जिंदल ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया तथा एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह को इसका निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

निर्देशानुसार एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के कर्मी को साथ लेकर भाली में लगे पीएस कंट्रक्शन कंपनी के कोलतार प्लांट पर निरीक्षण करने पहुंचे। काफी संख्या में स्थानीय लोग भी मौका पर पहुंचे तथा अपनी-अपनी व्यथा सुनाई।

गांववासियों ने कहा कि इस कोलतार प्लांट से काफी धुआं निकलता है जोकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। लोगों ने इस कोलतार प्लांट को आगे कहीं शिफ्ट करने की गुहार लगाई। उन्होंने कोलतार प्लांट को स्टार्ट करवाकर देखा लेकिन धुआं नहीं निकला।

वहीं पीएस कम्पनी के मालिक परमजीत सिंह ने बताया कि प्लांट आधुनिक तरीके के 280 डस्ट कलेक्शन फिक्टर बैग से युक्त है। तथा लोगों के आग्रह पर सड़क में पैच वर्क के चलते प्लांट चलाया था जिसकी सैटिंग न होने की बजह से धुंआ निकला था।

उन्होंने बताया कि सड़के हमारी भाग्यरेखा होती है। ये कोई किसी का पर्सनल प्रोजेक्ट नहीं है। सभी की सुविधा के लिए है। ओर ये प्लांट कुछ महीने के लिए है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया गया है। हिमाचल में ऐसा हॉटमिक्स प्लांट एक ही है।

एसडीएम ज्वाली के बोल 

एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों को समझाते हुए कहा कि अभी तक इस कोलतार प्लांट को प्रदूषण बोर्ड से परमिशन नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि लोगों के घरों में प्रदूषण यंत्र लगाकर प्रदूषण चैक करने के निर्देश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए गए है।

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