हिमखबर डेस्क
कभी 30 की उम्र को मानसिक क्षमता का सबसे सुनहरा दौर माना जाता था लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई युवा एक अजीब सी मानसिक स्थिति का सामना कर रहे हैं। मीटिंग के दौरान ध्यान भटकना, छोटे-छोटे शब्द याद न आना और सोचने की रफ्तार धीमी पड़ जाना अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो यह याददाश्त का कम होना नहीं बल्कि ब्रेन फॉग (Brain Fog) हो सकता है।
क्या है ब्रेन फॉग? (सिर्फ भूलना ही नहीं है)
डॉक्टरों के अनुसार ‘ब्रेन फॉग’ खुद में कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह शरीर के अंदर चल रही अन्य समस्याओं का एक समूह (Symptoms) है। इसे ऐसे महसूस किया जा सकता है जैसे आपका दिमाग ‘लो पावर मोड’ पर चल रहा हो। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- मानसिक थकान और हर वक्त कन्फ्यूजन रहना।
- एकाग्रता (Concentration) की भारी कमी।
- एक साथ कई काम (Multitasking) करने में परेशानी।
- छोटी-छोटी बातें या नाम अचानक भूल जाना।
क्यों हो रहा है युवाओं के साथ ऐसा?
विशेषज्ञों ने इसके पीछे 5 मुख्य कारण बताए हैं जो आज की लाइफस्टाइल से जुड़े हैं। सोशल स्टेटस का दबाव, ऑफिस का काम और लगातार स्क्रीन के सामने रहना दिमाग को थका देता है। इससे कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) बढ़ जाता है और दिमाग सर्वाइवल मोड में चला जाता है।
नींद के दौरान दिमाग खुद की मरम्मत (Repair) करता है। देर रात तक मोबाइल देखना बॉडी क्लॉक बिगाड़ देता है जिससे अगला दिन सुस्ती में बीतता है। शरीर में विटामिन B12, D3 और आयरन की कमी सीधे आपकी सोचने की क्षमता पर असर डालती है।
बाल झड़ना या स्किन का पीला पड़ना इसके संकेत हो सकते हैं। कई लोगों में कोविड संक्रमण के बाद मानसिक थकान और ध्यान की कमी जैसे लक्षण लंबे समय तक देखे जा रहे हैं। काम का बोझ और घर की जिम्मेदारियों के बीच मानसिक संतुलन बिगड़ना भी इसका बड़ा कारण है।
ब्रेन फॉग से कैसे जीतें? (एक्सपर्ट टिप्स)
अच्छी खबर यह है कि सही जीवनशैली अपनाकर आप अपनी मानसिक स्पष्टता वापस पा सकते हैं:
डिजिटल डिटॉक्स: सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें।
चेकअप कराएं: अगर थकान ज्यादा है तो विटामिन B12, D3 और आयरन की जांच जरूर कराएं।
दिमागी कसरत: योग, मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज दिमाग को शांत कर एकाग्रता बढ़ाती हैं।
हाइड्रेशन और वॉक: दिन भर पर्याप्त पानी पिएं और रोजाना कम से कम 20-30 मिनट की वॉक करें।
फिक्स रूटीन: रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें।

