
व्यूरो, रिपोर्ट
कोविड की बंदिशाें के बीच पठानकोट से जोगेंद्रनगर पहुंची झारखंड की महिला के लिए स्थानीय पुलिस फिर से मददगार बनी है। रेलवे स्टेशन के नजदीक डेरा जमाए हुए युवती को स्थानीय पुलिस ने रैस्कयू कर स्वास्थ्य की जांच करवाई आैर फिर महिला के द्वारा बताए गए पते पर भिजवाया।
यही नहीं स्थानीय पुलिस ने इस मामले में मानवता का परिचय देते हुए बाहरी राज्य की इस युवती को घर जाने का किराया भी दिया आैर पूरे सम्मान के साथ स्थानीय बस अड्डे से बस से पठानकोट की आेर रवाना किया। जहां से रेलगाड़ी से झारखंड की महिला अपने घर पहुंचेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जोगेंद्रनगर सरकाघाट मार्ग के रेलवे स्टेशन चोक पर मंगलवार सुबह एक दुकान के बाहर रात गुजारने के बाद सुबह भूखी प्यासी डेरा जमाए हुए झारखंड की इस महिला की दिल्ली से जोगेंद्रनगर पहुंचने की जानकारी पुलिस को स्थानीय लोगाें से मिली।
डीएसपी लोकेंद्र नेगी को भी इस महिला के जोगेंद्रनगर पहुंचने पर अवगत करवाया गया। युवती के स्वास्थ्य आैर सुरक्षा पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस थाने में तैनात प्रोबेशनर डीएसपी व थाना प्रभारी वसूधा सूद ने पुलिस की टीम को मौके पर भेज कर मासूम को पुलिस थाने में रैस्कयू किया। यहां पर उसके स्वास्थ्य की जांच करवाने के उपरांत स्थाई पते आैर स्वजनाें की जानकारी हासिल की तो पता चला कि दिल्ली के इंडिया गेट के नजदीकी क्षेत्र से झारखंड के रांची की यह महिला भटकते हुए जोगेंद्रनगर आ पहुंची थी।
जब उसके स्वास्थ्य की जांच करवाई गई तो वह मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ भी पाई गई आैर फिर जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाकर युवती को उसके द्वारा बताए गए पते पर बस में बिठाकर घर की आेर रवाना किया गया।
मामले की पुष्टि करते हुए प्रोबेशनर डीएसपी वसूधा सूद ने बताया कि पुलिस को रेलवे स्टेशन चोक में अकेली बैठी बाहरी राज्य की महिला की जानकारी मिली थी जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले युवती के स्वास्थ्य की जांच करवाई आैर फिर उसके द्वारा बताए गए पते पर घर भेजा साथ में किराए के लिए धनराशि भी उपलब्ध करवाई।
