
शिमला, जसपाल ठाकुर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोरोना के सेवा कार्यों में 8 लाख आयुष चिकित्सकों को शामिल करने के निर्णय को महत्वपूर्ण मानती है तथा सरकार के इस निर्णय का स्वागत करती है।
विदित हो की अभाविप ने 2 मई को कोरोना महामारी के विरुद्ध विद्यार्थी तथा युवा-समुदाय के सुझावों को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को एक सुझाव पत्र सौंपा था जिसमें एक सुझाव आयुष के अन्तर्गत आने वाले बी.ए.एम.एस., बी.एच.एम.एस. सहित सभी विधाओं के कुल 8 लाख चिकित्सकों को कोविड-19 सेवाओं में लगाने के लिये था।
केन्द्र सरकार ने अभाविप के इस सुझाव को मानकर कोरोना के सेवा कार्यों में 8 लाख आयुष चिकित्सकों को शामिल करने का निर्णय दिया है जो चिकित्सा क्षेत्र के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण तथा राहत योग्य निर्णय सिद्ध होगा।
अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “आयुष चिकित्सकों को कोरोना सेवा कार्य में जोड़ने के केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं ।कोरोना की द्वितीय लहर में चिकित्सा क्षेत्र में पहले से सेवा दे रहे कर्मियों पर अतिरिक्त भार आया हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुये महत्वपूर्ण था की इस वर्ष उत्तीर्ण हुये आयुष चिकित्सकों को कोरोना सम्बन्धी स्वास्थ्य सेवाओं में जोड़ा जाये।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री विशाल वर्मा ने कहा की ” केंद्र सरकार का यह निर्णय निश्चित रूप से भारत की कोरोना के खिलाफ चल रही जंग को मजबूती देगा।
लगातार बढ़ रहे कोरोना केस की वजह से चिकित्सा क्षेत्र के ऊपर बहुत दवाब बढ़ रहा था। ऐसे समय में आयुष के अंतर्गत आने वाले 8 लाख चिकित्सकों एवं प्रशिक्षुओं को देशभर में कोरोना स्वास्थ्य सेवाओं में लगाया जाना एक ऐतिहासिक कदम है।”
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जारीकर्ता:
विशाल वर्मा
प्रदेश मंत्री
अभाविप हिमाचल प्रदेश।
8219801488
