कृषि, बागवानी, मत्स्य व मुर्गी पालन से लिखी सफलता की इबारत, 5 करोड़ सालाना आय

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हिमखबर डेस्क

सिरमौर जिले के पच्छाद तहसील के गांव चमोडा निवासी आशीष गौतम ने अपनी मेहनत, लगन और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन के माध्यम से आशीष गौतम आज 5 करोड़ रुपए की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता आज के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।

ग्रीन हाउस में शिमला मिर्च व खीरे का उत्पादन

आशीष गौतम को वर्ष 2023 में उद्यान विभाग से 500 वर्ग मीटर ग्रीन हाउस के निर्माण हेतु 8.42 लाख रुपये का उपदान प्राप्त हुआ। उन्होंने मार्च माह में 2500 पौधे पीली और लाल शिमला मिर्च के लगाए, जिससे 5 टन उत्पादन कर लगभग 7 लाख रुपये की आय अर्जित की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्रीनहाउस में खीरे का उत्पादन किया, जिससे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई।

लैवेंडर की खेती में सफलता

प्रदेश सरकार की पुष्प क्रांति योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। आशीष ने अपने खेत में 500 पौधे लैवेंडर प्रजाति के लगाए, जिनसे उन्हें अच्छी आमदनी हुई।

मुर्गी पालन में उल्लेखनीय उपलब्धि

आशीष को पशुपालन विभाग से 50 चूजे 10 रुपये प्रति चूजा दर पर प्रदान किए। इससे उन्होंने 30 हजार रुपए के अंडे और 20 हजार रुपए के मुर्गे बेचकर लाभ कमाया। मुर्गे के वेस्ट उत्पाद को उन्होंने मत्स्य पालन में उपयोग किया।

मत्स्य पालन में सफलता

कोरोना काल के दौरान उन्होंने 1.50 लाख लीटर का जल टैंक और 60 हजार लीटर का जल स्टोरेज टैंक का निर्माण किया। उन्हें प्रदेश सरकार से 5 हजार मत्स्य बीज 1 रुपये प्रति बीज दर पर मिले, जिससे जून-जुलाई माह में 1 टन मछली उत्पादन कर उन्होंने 1 लाख रुपये की आय अर्जित की।

मधुमक्खी पालन से मधु उत्पादन

वर्ष 2023 में उन्हें 48 मधुमक्खी बॉक्स पर 1.36 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त हुआ। वर्ष 2024 में उन्होंने 1.5 टन शहद का उत्पादन कर 5 लाख रुपए की आय अर्जित की।

मशरूम उत्पादन में सफलता

उद्यान विभाग की खुम्ब विकास योजना के तहत आशीष को 8 लाख रुपए का अनुदान मिला। इससे उन्होंने एक वर्ष में 30 टन मशरूम उत्पादन कर 30 लाख रुपये की आमदनी की।

सेब और कीवी उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धि

आशीष के बगीचे में गाला प्रजाति के जेरोमाइन और स्कारलेट-2 के 2500 पौधे हैं, जिससे उन्हें 200 पेटी सेब उत्पादन कर 4 लाख  रुपए की आय हुई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 400 पौधों का कीवी बगीचा विकसित किया, जिससे इस वर्ष 20 टन कीवी उत्पादन कर 19 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया। आशीष की नर्सरी में 5 हजार सेब के पौधे तैयार किए जाते हैं, जिन्हें वह 300 रुपये प्रति पौधा बेचते हैं, जिससे उन्हें हर वर्ष लगभग 15 लाख रुपए की आय होती है।

भविष्य की योजना

आशीष ने बताया कि उन्होंने 1 लाख कीवी पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिन्हें 150 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से बेचकर 1.5 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने का अनुमान है।आशीष गौतम ने अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और आत्मनिर्भर बनें।

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