कांगड़ा से टांडा तक सड़क पर जानलेवा सफर

--Advertisement--

Image

मार्ग पर पड़े गड्ढों ने मरीजों-तीमारदारों की बढ़ाई मुश्किलें, विभाग नहीं ले रहा सुध

काँगड़ा- राजीव जस्वाल

डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज जाने वाली सड़क ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांगड़ा से लेकर टांडा तक सड़क पूरी तरह बदहाल है। गाडिय़ां गड्ढों में हिचकोले खा रही हैं। गाडिय़ों के निकलते वक्त उडऩे वाली धूल से पैदल जाने वाले लोग परेशान हैं।

यहां स्कूटी पर जाने वालों के साथ-साथ बड़े वाहन भी इस मार्ग से गुजर रहे हैं, लेकिन इसे दुरुस्त करने की सरकारी तंत्र ने जहमत नहीं उठाई। सड़क की टायरिंग होने के बाद कई मर्तबा गड्ढे पड़े टेंपरेरी इलाज कर इन गड्ढों को भर दिया गया। बरसात आने पर गड्ढे फिर बन गए, लेकिन कोई मुकम्मल हल न हो पाया।

सरकार कहती है कि सड़क बनने के बाद पांच वर्षों तक ठेकेदार सड़क के रखरखाव का जिम्मेदार होगा । लोग कहते हैं कि क्वालिटी वर्क हो तो पांच साल तक सड़कों को दुरुस्त करने की जरूरत ही न पड़े। खराब सड़क ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं।

लोगों का कहना है कि इस को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दुरुस्त किया जाए और भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि मैटलिंग के बाद सड़कें दुरुस्त रहे।

क्या बोले अधिशाषी अभियंता टांडा

इस बाबत जब अधिशाषी अभियंता टांडा सुरेश वालिया से बात हुई तो उन्होंने कहा कि पहाड़ों की कटिंग करवाने वालों की वजह से सड़क टूटी है, उन्हें नोटिस भेजा गया है कि सड़क रिपेयर करवाएं। बाकी जगह पर रिपेयर के लिए ठेकेदार को कहा गया है। अगर ठेकेदार द्वारा न करवाया गया, तो उसे पेनल्टी डालकर महकमा खुद इस काम को करवाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया है कि मार्च माह अंत तक इस कार्य को दुरुस्त किया जाएगा।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कन्फ्यूजन खत्म, कल एक ही दिन होगी अष्टमी और नवमी

हिमखबर डेस्क  चैत्र नवरात्रि पर्व में अष्टमी और नवमी को...

कितने दिन का होगा लॉकडाउन? दुनिया के सामने सबसे बड़ा संकट, मोदी ने दिए क्या संकेत?

हिमखबर डेस्क  मिडल ईस्ट में जारी जंग और तनाव थमने...

सरकार हिमाचल में बसाएगी 3 नए सैटेलाइट शहर, HUDCO और HIMUDA के बीच MoU साइन

हिमखबर डेस्क  प्रदेश में तीन नए सैटेलाइट शहरों के विकास...