कांगड़ा जिले में अभी तक लंपी चर्म रोग से 137 पशुओं ने तोड़ा दम

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पालमपुर – बर्फू

लंपी चर्म रोग से पशुधन को बचाने के लिए पशुपालन विभाग वैक्सीनेशन में जुट गया है। इसके लिए जिला कांगड़ा के प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालन विभाग का फील्ड स्टाफ घर-घर दस्तक देकर वैक्सीनेशन कर रहा है। हालांकि यदि कोई पशुपालक अपने पशु को पशु चिकित्सालय या औषद्यालय में ला रहा है, तो पशु चिकित्सा संस्थानों में भी वैक्सीन लगाई जा रही है।

पशुओं की बात करें तो ज्यादातर इसका प्रतिकूल प्रभाव गोधन पर पड़ा है। हालांकि भैंसें भी संक्रमित हुई हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है। जिला कांगड़ा में सबसे पहले इंदौरा और मोहटली में छह पशुओं में लक्षण आए थे। जिसके बाद पशुपालन विभाग की ओर से अगले दिन चिकित्सकों की टीम ने पांच पशुओं के सैंपल भरे थे और जांच के लिए भोपाल भेजे थे।

लेकिन संक्रमण के तेजी से बढ़ने और पशुओं के मरने का क्रम शुरू होने के बाद विभाग की ओर से तुरंत निदेशालय को वैक्सीन की मांग भेजी गई। बेशक मांग के अनुसार वैक्सीन की डोज प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन 17 हजार डोज मिलने के बाद विभाग ने जरूर राहत की सांस लने के साथ वैक्सीनेशन को शुरू किया है।

हालांकि वैक्सीन संक्रमण से ग्रसित पशु को नहीं बल्कि अन्य स्वस्थ पशुओं को लगाई जा रही है, ताकि वह संक्रमण की चपेट में न आएं। अब हालात ऐसे हैं कि रोजाना सैकड़ों पशु संक्रमण की चपेट आ रहे हैं। जब तक स्वस्थ पशुओं को वैक्सीन नहीं दी जाती, तब तक अन्य पशुओं के बचाव के लिए एडवाइजरी अपनाने की भी फील्ड स्टाफ के माध्यम से जानकारी भी दी जा रही है।

लंपी से सीमांत क्षेत्र ज्यादा प्रभावित

लंपी चर्म रोग से प्रभावित क्षेत्रों में पंजाब के साथ लगता जिला का सीमांत क्षेत्र है। हालांकि जिले के प्रभावित क्षेत्रों की बात करें तो इंदौरा, नूरपुर, जवाली, देहरा व परागपुर क्षेत्र हैं। जहां ज्यादा मामले हैं। इसलिए इन क्षेत्रों के पशुधन को सुरक्षित करने के लिए वैक्सीनेशन की जा रही है।

पशुधन ही हैं ज्यादातर परिवारों के रोजगार का जरिया

जिला कांगड़ा में ज्यादातर परिवारों के रोजगार का जरिया पशुधन है। लेकिन पशुधन के संक्रमण की चपेट में आने से पशुपालकों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। यही वजह भी है कि पशुपालन विभाग भी अपने स्तर पर वैक्सीनेशन के साथ-साथ पशुपालकों को एडवाइजरी अपनाने का सुझाव दे रहा है जबकि पशुपालक भी अब पशु चिकित्सा संस्थाओं में भी पशुओं को वैक्सीन दिलाने के लिए पहुंच रहे हैं।

39 पशुओं ने तोड़ा दम, 899 आए संक्रमण की चपेट में

उपनिदेशक पशुपालन विभाग डा संजीव धीमान ने कहा कि जिला कांगड़ा में शुक्रवार को 39 पशुओं ने लंपी चर्म रोग के कारण दम तोड़ दिया जबकि 899 संक्रमण की चपेट में आए हैं।अभी तक जिला में 8436 पशु संक्रमित हो चुके हैं जबकि 137 मर चुके हैं।

लंपी चर्म रोग से पशुओं को बचाने के लिए विभागीय टीमें घर-घर दस्तक दे रही हैं। कुछेक मामलों में पशुपालक भी पशु चिकित्सा संस्थानों में वैक्सीन दिलाने के लिए पहुंचे। विभाग प्रयासरत है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द वैक्सीनेशन हो जाए। जितनी डोज मिले हैं, उन्हें तीन या चार दिन में लगा दिया जाएगा। अभी तक ढाई हजार पशुओं को वैक्सीनेशन दी जा चुकी है।

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