स्वारघाट – सूभाष चंदेल
शिक्षा खंड नयना देवी जी के तहत आने वाले एक प्राथमिक स्कूल में जे बी टी अध्यापक द्वारा कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अपनी ही बेटी को सरकारी मोबाइल फोन देने का मामला सामने आया है।
दरअसल कोरोना काल के दौरान जब सभी शिक्षण संस्थान बंद थे तब सरकार ने बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की थी। बाद में कई गरीब बच्चों के पास ऑनलाइन क्लास लगाने के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं थे।
इसी समस्या से निपटने के लिए सरकार ने स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए उस दौरान वर्ष 2022 में स्मार्टफोन उपलब्ध करवाए थे। लेकिन राजकीय प्राथमिक पाठशाला नयनादेवी में कार्यरत जे बी टी अध्यापक दीप कुमार ने उस कोरोना काल के दौरान सरकार द्वारा दिए इस मोबाइल फोन को गरीब बच्चों को देने की बजाए इसी पाठशाला में पढ़ रही अपनी बेटी को दे दिया। जिससे कई गरीब बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रह गए।
प्राथमिक शिक्षक संघ नयना देवी महासचिव सोम चंद के बोल
शिक्षा खंड नयनादेवी के प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी जे बी टी अध्यापक दीप कुमार के इस कृत्य की निंदा की है। प्राथमिक शिक्षक संघ नयना देवी के महासचिव सोम चंद का भी कहना है कि अध्यापक दीप कुमार के निजी स्वार्थ के कारण अध्यापक पद की गरिमा गिरी है।
इसलिए स्वार्थी अध्यापकों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। उनका कहना था कि इसको लेकर संघ ने बी ई ई ओ नयनादेवी चंद्रकांता को भी इससे अवगत करवाया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जे बी टी अध्यापक दीप कुमार के बोल
उधर इसको लेकर जब जे बी टी अध्यापक दीप कुमार से बात कि तो उन्होंने कहा यै जो आरोप लगाए है वो बिल्कुल निराधार है और यह मोबाइल एस एम् सी और स्कुल प्रबंधन कि सहमति से दिये गये थे आरोप सरासर निराधार है

