
शिमला- जसपाल ठाकुर
कहते हैं कि किसी अधिकारी का कार्यकाल कैसा रहा, यह देखना हो तो उसका विदाई समारोह देखो। यह समारोह अधिकारी के कार्यकाल और उसके कार्यो का आईना होता है। कुछ ऐसा ही कार्यकाल रहा एसपी शिमला मोहित चावला का। वर्ष 2010 बैच के आइपीएस अधिकारी मोहित चावला एक साल तक शिमला के एसपी रहे। इस छोटे से कार्यकाल में उन्होंने शिमला जिले की जनता से लेकर अपने जवानों का दिल जीत लिया।
प्रशासनिक सेवा में कुछ समय बाद तबादला होना निश्चित है। एसपी कार्यालय का हर जवान और लिपकीय स्टाफ सहित थाने व चौकियों के प्रभारी व अन्य अधिकारी भी विदाई समारोह में पहुंचे। एसपी कार्यालय से मुख्य गेट तक सभी जवान लाइन में खड़े थे। जैसे ही एसपी अपने कार्यालय से निकले सभी ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
एसपी ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे मिले। इसके बाद एसपी कार्यालय के मुख्य गेट तारघर के सामने गार्द ने सलामी दी। उन्होंने अपनी पूरी टीम जिसमें एएसपी, डीएसपी, एसएचओ, आइओ से लेकर हर जवान के साथ बात की। इस दौरान कई अधिकारी भावुक हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहली बार इतना भव्य विदाई समारोह हुआ है। स्क्रीन पर दिखाई गई उपलब्धियां, एसपी बोले भावुक हो जाउंगा|
तारघर के सामने पुलिस गुमटी में लगी एलईडी स्क्रीन में एसपी के कार्यकाल में शिमला पुलिस की उपलब्धियों के लिए डाक्यूमेंटरी दिखाई गई। एसपी ने इसे देखा और वहां से चले गए। उन्होंने कहा कि इसे देखकर वह भावुक हो जाएंगे। रफ्तार बाइक से लौटे घर
एसपी मोहित चावला अपनी गाड़ी में जाने के बजाय पुलिस की बाइक से घर लौटे। खुद बाइक चलाकर वह लौटे। शहर में ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए रफ्तार बाइक को उन्होंने ही शुरू किया था। इसे मोडीफाई किया गया है। बाइक में जीपीएस लगे हैं। उनका कहना है कि ट्रैफिक जाम में पुलिस की गाड़ी पहुंचने में काफी समय लग जाता है। बाइक तुरंत मौके पर पहुंच जाती हैं। उनका यह प्रयोग काफी सफल भी रहा है। 50 लोकप्रिय एसपी में हुए थे शामिल, ट्रैफिक सुधार के लिए किया जाएगा याद
पुलिस अधीक्षक मोहित चावला को देश के 50 लोकप्रिय पुलिस कप्तानों की सूची में शुमार किया गया था। फेम इंडिया 2021 ने उन्हें इस अवार्ड के लिए चुना था। क्राइम कंट्रोल, ला एड आर्डर में सुधार, पीपुल्स फ्रेंडली, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने में त्वरित क्षमता, सजगता और व्यवहार कुशलता पर उन्हें इस सूची में रखा गया था। शिमला में ट्रैफिक सुधार, क्राइम कंट्रोल और अपने व्यवहार के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
