
कांगड़ा – राजीव जसबाल
एसएमसी अध्यापक संघ जिला कांगड़ा माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार से इस बजट सत्र में रेगुलर होने की आस में है।
ज़िला कांगड़ा अध्यक्ष विकास ठाकुर ने बताया की इलेक्शन से पूर्व एसएमसी अध्यापक संघ ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया था और सरकार ने भी एसएमसी अध्यापकों को आश्वस्त किया था कि सता में आते ही एसएमसी अध्यापक को रेगुलर किया जाएगा और कांग्रेस सरकार ने घोषणा पत्र मैं भी रेगुलर करने का वादा किया था।
ज़िला कांगड़ा अध्यक्ष विकास ठाकुर ने बताया कि इलेक्शन से पूर्व संगठन ने कृषि मंत्री प्रो चंद्र कुमार, सीपीएस मंत्री आर एस वाली, सीपीएस मंत्री आशीष बुटेल, सीपीएस मंत्री किशोरी लाल , पूर्व मंत्री धर्मशाला विधानसभा विधायक सुधीर शर्मा, पूर्व मंत्री कॉल सिंह ठाकुर से मिल कर कांग्रेस सरकार को परिवार सहित समर्थन देने का वादा किया था।
इसके लिए कांग्रेस सरकार ने भी आश्वस्त किया था कि सता में आते ही एसएमसी अध्यापकों के बनवास को खत्म किया जाएगा। जिसके लिए एसएमसी अध्यापक संगठन भी सुक्खू सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा।
जानकारी के लिए बता दें कि एसएमसी अध्यापकों की भर्ती 2012 मैं हुई थी। उस समय बीजेपी सरकार ने हार्ड ओर ट्राइबल एरिया में 250 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई।
2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार और सवर्गीय मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह ने समूचे हिमाचल प्रदेश मैं 2000 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई।
आज से पहले भी इस तरह की कई भर्तियां होती रही, जिसमें PTA PAT, PARA पंजाबी उर्दू एसएमसी अध्यापक भर्तियां शामिल है। आज ये सभी शिक्षक रेगुलर है लेकिन एसएमसी अध्यापक 11 सालो से शोषण का शिकार हो रहे है।
एसएमसी अध्यापक आरएंडपी नियम आरटीई के लिए जरूर सभी शैक्षणिक योग्यता टेट आदि। सभी एसएमसी अध्यापक की नियुक्तियां शिक्षा उपनिदेशको की अनुमति पर उपमंडल अधिकारियों की अध्यक्षता में नियुक्त कमेटी ने की है।
अधिकतम एसएमसी शिक्षक की नियुक्ति दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में की गई है। एसएमसी अध्यापक पिछले 10 वर्षो से न्यूनतम वेतन के साथ अपनी सेवाएं पूरी ईमानदारी से दे रहे है।
विकास ठाकुर ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट ने भी एसएमसी भर्ती को सही ठहराया है।
एसएमसी अध्यापक संगठन जिला कांगड़ा ने लोकप्रिय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और सरकार के समस्त मंत्रीगण से ये मांग की है कि इस बजट में एसएमसी अध्यापकों को रेगुलर अध्यापक के समान सारे लाभ दिए जाएं।
