
मंडी – डॉली चौहान
जिला मंडी के एटीएम में पैसा डालने वाली निजी कंपनी के दो कर्मचारियों ने 54 लाख 78 हजार 500 रुपये की हेराफेरी को अंजाम दिया है। आरोपी हमीरपुर निवासी हैं। शातिर एटीएम में कम पैसा डालते रहे और झूठी कैश रिपोर्ट कंपनी को देते रहे।
16 और 17 दिसंबर को कंपनी के ऑडिटर ने यह मामला पकड़ा और सूचना कांगड़ा स्थित कंपनी प्रबंधन को दी। ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर धर्मपुर थाना में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के बैंक अकाउंट और संपत्तियों को खंगाला जा रहा है।
इस मामले की शिकायत भूपेंद्र सिंह (34) निवासी गांव मावा ज्वाली जिला कांगड़ा ने धर्मपुर पुलिस थाने में दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह सिक्योरिट्रन प्राइवेट लिमिटेड में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात हैं।
कंपनी का कार्यालय कांगड़ा में है और मुख्य कार्यालय नारायण बिहार दिल्ली में है। यह कंपनी बैंक इंडस्ट्री के साथ जुड़ी हुई है और एटीएम में कैश मैनेजमेंट (कैश लाने और डालने) का कार्य देखती है।
शिकायत में बताया गया कि आरोपी भोरंज हमीरपुर निवासी नरेंद्र सिंह, और गरौड़ू सुजानपुर हमीरपुर निवासी बाउनिश राणा मंडी और सरकाघाट के हब में कंपनी के एटीएम कस्टोडियन के पद पर तैनात हैं। कस्टोडियन की ड्यूटी है कि वह एटीएम तक कैश लेकर जाएं और उसे एटीएम मशीन में डालें।
इन कस्टोडियन को मैनुअल लॉगइन, पासवर्ड और ओटीपी के लिए कंपनी की ओर से अधिकृत किया गया होता है। जिससे वह एटीएम का संचालन करके पैसे डालें और बाद में कैश बैलेंस रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को सौंपे।
बताया गया कि 16 और 17 दिसंबर को ऑडिटर राजीव चंद ने इस हब का ऑडिट किया गया। ऑडिट में एटीएम में डाले गए कैश में से 54 लाख 78 हजार 500 रुपये का अंतर निकला ।
आरोप है कि इन दोनों कर्मचारियों ने कैश में बड़ी हेराफेरी की है। आरोप लगाया कि आरोपी कर्मचारी एटीएम में पैसा कम डालते रहे और फर्जी रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को भेजते रहे।
उधर, ब्रांच मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 406, 409, 420, 465, 467, 469 व 120-बी,34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
