विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी-एसएफआई कार्यकर्ताओं में चले लात-घूंसे, अफरा-तफरी मची, दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर लगाए मारपीट के आरोप, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगी कड़ी कार्रवाई, कई छात्र लहूलुहान
शिमला – नितिश पठानियां
यूजीसी रेगुलेशन पर एसएफआई की ओपन टॉक और एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार दोपहर बाद विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
इस दौरान दोनों छात्र संगठनों के कुछ कार्यकर्ता लहूलुहान हुए हैं, जबकि कुछेक को हल्की चोटें भी आई हैं। जिसके चलते कुछ समय के लिए परिसर में माहौल भी तनाव पूर्ण हो गया। बहरहाल मामलों को लेकर दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए है।
एबीवीपी ने परिसर में हुई गंभीर हिंसक घटना पर तीखा विरोध जताया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि एसएफआई से जुड़े छात्रों ने उनके कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित हमला किया, जिसे संगठन ने हत्या के प्रयास जैसी गंभीर घटना बताया है।
एबीवीपी इकाई के अनुसार यह घटना विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट के समीप उस समय हुई जब केमिस्ट्री विभाग से अपने घर जा रहे संगठन के कार्यकर्ताओं पर अचानक हमला किया गया।
एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि एसएफआई से जुड़े लोगों ने तेजधार हथियारों से हमला किया। इस हमले में एबीवीपी के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
संगठन का कहना है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और इसका उद्देश्य परिसर में डर और अराजकता का वातावरण पैदा करना था। एबीवीपी इकाई ने इस घटना को लेकर पुलिस में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई है और विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर एसएफआई का कहना है कि एसएफआई द्वारा परिसर में ओपन टॉक का आयोजित किया गया। यह चर्चा तीन घंटों की चली और चर्चा के ठीक 30 मिनट के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ता द्वारा हमारे कई साथियों पर हाथापाई की, जिसमें हमारे एक सदस्य को चोट भी आई है।

