व्यूरो रिपोर्ट
आशा कार्यकर्ता संघ जिला कांगड़ा की महामंत्री कल्पना रंधावा ने बहुत दुखी मन से कहा कि आज 17 तारीक हो गई लेकिन आशा को फील्ड में सुचारू रूप से अपनी स्वास्थ्य सेवाएं जनता को देने के बाद इंसेंटिव नही मिला। बहुत चिंता का विषय बन गया कैसे आशा के घर का चूल्हा चौका जलेगा, कैसे आशा अपने बच्चो की स्कूल फीस देगी।
महामंत्री कल्पना रंधावा ने कहा कि सरकार की नोटिफिकेशन जारी होने के बाद हर 7 तारीक को आशा के पैसों की अदायगी कर दी जाएगी लेकिन अब सरकार अपनी बात से क्यों इंकार कर रही हैं। आज हिमाचल प्रदेश की सभी आशा घर घर जाकर लोगो को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दे रही है ।
सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार एक फोन पर सभी कार्य ऑनलाइन करना जैसे UVIN ऐप पर टीकाकरण से पहले बच्चो की प्री रजिस्ट्रेशन करना, गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से पहले प्री रजिस्ट्रेशन करना, उसके बाद, एनसीडी कार्ड अपडेट करना, टीवी का सर्वे अपडेट करना, 1 से 5 साल तक के बच्चों यू बीन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना, आयुष्मान आभा आईडी बनाना जबकि आशा को जब नियुक्त आशा पद के लिए किया गया था तो सिर्फ जच्चा बच्चा के लिए रखा गया था।
सरकार शायद आशा की कुर्बानी को अनदेखा कर रही है कि कोरोना काल में पूरा हिमाचल कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था लेकिन हिमाचल प्रदेश की सभी आशा अपने परिवार और अपनी जान की चिंता न करते हुए भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकार का सहयोग करके स्वास्थ्य सेवाएं जनता तक पहुंचाती रही ।
हिमाचल प्रदेश की सभी आशा सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार हर नेशनल प्रोग्राम को सफल बनाकर बहुत ईमानदारी से अमली जामा पहना रही है लेकिन सरकार भी आशा को समय पर राशि देकर अपने ईमानदारी का सबूत दें। यह उम्मीद समस्त हिमाचल प्रदेश की आशा वर्कर सरकार से कर रही है आशा सरकार को हर घर की रिपोर्ट हर गांव की रिपोर्ट हर एक व्यक्ति की रिपोर्ट सही-सही ईमानदारी से दे रही हैं ।
आशा को समय पर अपने काम की राशि समय पर नहीं मिलने पर आशा अपने आप को सरकार के हाथों ठगा महसूस कर रही हैं सरकार हर समय आशा को अनदेखा कर रही हैं आशा को फील्ड में बैठने के लिए कोई स्थान आज दिन तक सरकार के द्वारा नहीं दिया गया अगर आशा फील्ड में कार्य करने के लिए जा रही है तो आशा के साथ कोई हादसा हो जाता है तो उसके जिम्मेवारी सरकार नहीं उठा रही है ।

आशा को न्यूनतम राशि 18000 दी जाए आशा को स्थाई पॉलिसी के अंदर लिया जाए ,आशा को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए आशा जब भी अपना फील्ड वर्क करती है उसको समय पर 7 तारीख से पहले राशि मिलनी चाहिए हम सरकार से निवेदन करते हैं की आशा के काम की राशि की अदायगी समय पर होनी चाहिए ।
आशा कार्यकर्ता संघ कांगड़ा की महामंत्री और बी0एम0एस0 जिला कांगड़ा की कार्यकारणी अध्यक्ष कल्पना रंधावा ने सीधा बोला की आशा की स्थाई नीति जल्दी से जल्दी सरकार बनाए नहीं तो 11 दिसंबर 2023 को समस्त हिमाचल की आशा वर्कर दिल्ली जंतर मंतर में एक विशाल रैली करने जा रही है जिसमें ऑल इंडिया की सभी राज्यों की आशा वर्कर विशाल रैली को कामयाब बनाने के लिए पहुंच रही हैं । अब हमारा एक ही नारा चलो दिल्ली

