आरोप : भ्रष्टाचार का अड्डा बना मुख्यमंत्री कार्यालय , गुमनाम पत्र पर खामोश क्यों है सीएम : रणधीर शर्मा

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शिमला – नितिश पठानियां

भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जनविरोधी निर्णय लेने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है जिस पर सरकार चुप्पी साधे हुए हैं यह बात आज शिमला में पत्रकार वार्ता में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहीं।

रणधीर शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों के नॉन प्रैक्टिस अलाउंस को बंद करने का निर्णय गलत है। सीधा असर लोगों पर भी पड़ेगा। डॉक्टर्स के साथ जनता के हित में इस निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए। लोक निर्माण व जल शक्ति विभाग के करोड़ों रुपये के काम हुए हैं , लेकिन टेंडर की राशि ठेकदारों को नही मिल पाई है।

इस सारे मामले पर संबंधित मंत्रियों ने चुप्पी साधी हुई है। जो दिखाता है कि कांग्रेस में गुटबाजी पूरी तरह से हावी है। हमीरपुर चयन आयोग में धांधलियों की जांच अभी तक नहीं हुई न ही परीक्षाओं के परिणाम निकल पाए है।

उन्होंने कहा कि 2 साल तक का कार्यकाल पूरा कर चुके कर्मचारी अभी भी नियमित नहीं हुए जबकि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने नगर निगम चुनावों के दौरान की थी।

रणधीर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर हाल ही में एक गुमनाम पत्र जारी हुआ है जिसे जारी करने वाला मुख्यमंत्री कार्यालय का कर्मचारी है लेकिन मुख्यमंत्री इसकी जांच नहीं करवा रहे हैं।

ये सरकार शुरुआत में ही भ्रष्टाचार में घिर चुकी है। सरकार गुमनाम व्यक्ति का हवाला देकर इससे पल्ला झाड़ रही है। ये आरोप गंभीर है। उन्होंने पूछा की क्या वह जांच करवाएंगे अगर नही तो मुख्यमंत्री केंद्र से सीबीआई जांच की मांग करेंगे?

एचपीटीडीसी की लिफ्ट का किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करने पर उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सीधा आम लोगों और पर्यटको पर अतिरिक्त बोझ है। इन जनविरोधी निर्णय पर पुनर्विचार करना होगा।

मुख्यमंत्री और उनके नेता इस पत्र को गुमनाम करार देकर पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, अगर हम उस पत्र को पूरी तरह से पड़ेंगे तो वह पूरी तरह गुमनाम नहीं है।

पत्र लिखने वाले व्यक्ति ने कहा है कि मैं सरकारी कर्मचारी हूं, मैं मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात था और जब मैंने इस प्रकार के भ्रष्टाचार का विरोध किया तो मुझे मुख्यमंत्री कार्यालय से बदल दिया गया। अगर इस मामले की गंभीरता से जांच होगी तो मैं सामने आकर सबूत भी देने को तैयार हूं।

ऐसे आरोपों से मुख्यमंत्री का पल्ला झाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह जीरो टॉलरेंस वाली सरकार पहले 6 महीने के अंतराल में ही भ्रष्टाचार में सम्मिलित होती दिखाई दे रही है।

किन्नौर जिले में एक विद्युत परियोजना का मामला सामने आया है वह प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में मैसेज पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड बना रही है।

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