
ब्यूरो
कोरोना काल चल रहा है पिछले वर्ष 2020 को 23 मार्च को लॉक डाउन लगा था, जिसका इतना नुकसान हुआ कि शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता, अब एक और लॉक डाउन का दंश लोंगो को झेलना पड़ रहा है। आखिर यह समय कोई टीका टिप्पणी करने का नहीं है और न कोई आलोचना करने का है।
यह समय है सहयोग करने का, जागरूकता फैलाने का और सामाजिक सेवाओं के आंदोलन को बढ़ाने का है यह कहना है जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान का। लेकिन फिर भी इस करीब डेढ़ वर्ष के लॉक डाउन में कोई तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए कि कैसे हम लोंगो को तबाही के इस मंज़र में धकेल दिया गया है।
क्यों समय रहते सावधानियां नहीं बरती गई। क्या हमारी सरकारों में दूरदर्शिता की कमी रही, क्या हमारी सरकारें केवल अपनी राजनीति चमकाने तक ही प्रतिबद्ध रही, क्या हमारी सरकारों में ब्राइट्स माइंडस की कमी पाई गई, क्या हमारे चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की बातों को अनसुना किया गया, क्या हमारी सरकारों ने विपक्ष के द्वारा कही गई बातों की खिल्ली उड़ाई गई और उनको अनसुना किया गया।
संदीप सांख्यान ने कहा कि यही सब हुआ है तभी यह विकट स्थितियां पैदा हुई है उन्होंने कहा 12 फरवरी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर जानकारी देकर सरकार को आगाह किया गया था, उनके शब्द इस तरह से थे कि “The Corona Virus is an extremely serious threat to our people and economy. My sense is the government is not taking this threat seriously. राहुल गांधी के इसी ट्वीट को एक अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी “द हार्वर्ड गैज़ेट” ने भी अपने “हेल्थ एंड मेडिसिन” ने भी छापा था और सराहा था।
अर्थात ” देश पर कोविड 19 की बड़ी सुनामी आ रही है, जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था तहस-नहस जो जाएगी और सरकार इस बारे में सोच नही रही है।” और हुआ भी वही है गरीब लोंगो को खाने के लाले पड़ गए, जो लोग कोरोना से बच जाएंगे उनको भूख और बेकारी अपना ग्रास बनाया है। लेकिन किसी ने भी राहुल गांधी की इस बात पर गौर नहीं किया और आज नतीजा सबके सामने है।
चलो एक मिनट के लिए मान भी लेते है कि सरकार में कोविड 19 की प्रथम लहर के समय अनुभव की कमी रही होगी या अनभिज्ञता रही होगी, लेकिन अब जो दूसरी कोविड19 की लहर आई वह तो लाखों में जिंदगियों को लील गई। तो अब तो लोंगो को बताया जाना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है ऐसी कौन सी गलतियां थी जिसके कारण लाखो लोंगो की जाने गई है।
उन्होंने मांग की है कि इस संदर्भ में जिम्मेदारी तो तय होनी ही चाहिए यदि ऐसा नहीं हुआ तो जिस तीसरी कोरोना लहर की बात की जा रही है उसका अंदाज़ा खुद लोंगो को लगा लेना चाहिए, कि यह सरकार सिर्फ चुनावों तक लोंगो के साथ रहती है उसके बाद किसी भी जबाबदेही पर खरी नहीं उतरती है।
आदर सहित
संदीप सांख्यान
महासचिव, जिला कांग्रेस
बिलासपुर (हि.प्र)
नोट: इस प्रेस नोट के साथ राहुल गांधी का 12 फरवरी 2020 का ट्वीट आउट “द हार्वर्ड गजट” के द्वारा की गई टिप्पणी के स्क्रीन शॉट भी संलगित किये गए है।
