आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद मिल ही गया “बुधि राम” को 18 महीनों का वेतन

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बिलासपुर, 24 जून – सुभाष चंदेल

आखिरकार, लंबे संघर्ष के बाद भाखड़ा-मकड़ी स्कीम पर कार्यरत पंप ऑपरेटर को 18 महीने के सैलरी मिल गई है। इसके बाद पंप ऑपरेटर ने “पहल संस्था” के साथ छेड़ा अभियान स्थगित कर दिया है।

पंप ऑपरेटर ने श्री नैना देवी के दर्शन कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही सुक्खू सरकार व जिलाधीश का धन्यवाद किया।

सैलरी मिलने के बाद नैना देवी के दर्शन को जाता बुधि राम

वहीं एक “पहल संस्था” के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि संघर्ष आखिरकार रंग लाया है। ठेकेदार ने पंप ऑपरेटर के 18 महीने के पैसे का चेक दे दिया है।

बता दे कि पैसे के अभाव में इलाज न होने के कारण पंप ऑपरेटर बुधि राम की पत्नी ने चंद सप्ताह पहले दम तोड़ दिया था। बुधि सिंह की मार्मिक व्यथा सोशल मीडिया में वायरल भी हुई थी।

बुधि राम ने मीडिया का भी धन्यवाद किया। कहा कि समय-समय पर अगर कोई समस्या हो तो सरकार के खिलाफ आवाज भी बुलंद करनी पड़ती है। लोकतंत्र का यही रिवाज है। गौरतलब है कि बुधि राम जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स के आधार पर पंप ऑपरेटर के पद पर तैनात है।

श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के गांव मकड़ी गांव के रहने वाले बुधि राम की 33 वर्षीय पत्नी निशा कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। आपातकालीन स्थिति में नंगल सिविल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

बुधि राम का कहना है कि प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनसे कहा कि इसे किसी अच्छे अस्पताल में ले जाएं, जहां उनका इलाज अच्छे से हो जाएगा।

बुधि राम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और हो भी कैसे?  18 महीने से पंप ऑपरेटर बुधि राम को वेतन नहीं मिला था। इस कारण इलाज में परेशानियों का सामना कर रहा था।
रिश्तेदारों से पैसे मांगने के बावजूद भी वह इतने पैसे नहीं जुटा पाया कि पत्नी का इलाज किसी अच्छे अस्पताल में करवा सके। नतीजा ये हुआ था कि इलाज के अभाव में बुधि राम की पत्नी निशा देवी ने दम तोड़ दिया।
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