अवैध शराब मामले को लेकर एफआईआर दर्ज, एडिशनल एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन

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हुआ बड़ा खुलासा, जनवरी माह से बंद पड़ी थी फैक्ट्री, एक्साइज इंस्पेक्टर के जाने के बाद बनती थी अवैध शराब

सिरमौर – नरेश कुमार राधे 

जिला सिरमौर के काला अंब स्थित त्रिलोक संस ब्रेवरेज एण्डिड डिस्टलरी बॉटलिंग प्लांट में राज्य कर एवं आबकारी विभाग के द्वारा की गई छापेमारी के बाद मामला अब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

भारी मात्रा में मिली देसी व अंग्रेजी अवैध शराब सहित लाखों की संख्या के लेवलों की जप्ती बाद पुलिस ने अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए एडिशनल एसपी योगेश रोल्टा के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम एसआईटी का गठन कर दिया गया है।

एसआईटी के द्वारा फैक्ट्री की ओनरशिप से लेकर फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिकेज खंगाले जा रहे हैं। यही नहीं पुलिस यह भी पता लग रही है की शराब के लेवल, अंग्रेजी ब्रांड की शराब की खाली बोतल, और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला ईएनए कहां से खरीदा और कैसे लाया गया था।

यही नहीं शराब फैक्ट्री में नियुक्त एसटीईओ की भूमिका को भी पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया है। वही एक बड़ा खुलासा भी विभागीय सूत्रों से हुआ है कि यह शराब फैक्ट्री जनवरी माह के बाद से अभी तक बंद पड़ी थी।

विभाग का इंस्पेक्टर यानी एस टी ई ओ सुबह 9:30 बजे फैक्ट्री में अपने केबिन में एंट्री करता था और शाम को 5:00 बजे फैक्ट्री की चाबियां की जांच करने के बाद घर चला जाता था।

यानी यह सारा का सारा खेल इंस्पेक्टर के घर चले जाने के बाद फैक्ट्री को अवैध रूप से खोलकर अवैध लेबर के माध्यम से देसी व महंगे ब्रांड की अंग्रेजी शराब बनाई जाती थी।

इस बात की पुष्टि इसलिए भी हो जाती है क्योंकि छापेमारी के दौरान जो लेबर रात के 1:30 बजे कार्य कर रही थी वह फैक्ट्री की लेबर रजिस्टर में एंटर नहीं थी।

राज्य कर एवं आबकारी विभाग एनफोर्समेंट के एडिशनल कमिश्नर उज्जवल राणा ने भी बताया था कि फैक्ट्री में स्थानीय और चंडीगढ़ से लेबर लाई गई थी। बड़ी बात तो यह है कि इस मजदूर को यह बिल्कुल भी पता नही था की ओवरटाइम के बहाने उनसे अवैध शराब बनवाई जा रही है।

बरहाल यह जांच का विषय है देखना यह भी होगा कि आखिर रात के अंधेरे में बनाई गई अवैध शराब को कहां और कैसे बेचा जा चुका है।

वहीं स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी मामले की बड़ी गहनता से जांच में जुटी हुई है। जबकि जिसके नाम से फैक्ट्री का रजिस्ट्रेशन है वह खुद और फैक्ट्री का मुख्य प्रबंध स्टाफ फिलहाल फरार है।

पुलिस अधीक्षक निश्चिन सिंह नेगी के बोल 

उधर जिला सिरमौर पुलिस कप्तान निश्चिन सिंह नेगी बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एस आई टी का एडिशनल एसपी के नेतृत्व में गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू को पूरी संजीदगी के साथ जांच रही है उन्होंने बताय कि जल्द ही कुछ और खुलासे किए जाएंगे।

एस टी ई ओ अंकित सिंह के बोल 

उधर एस टी ई ओ अंकित सिंह ने बताया कि फैक्ट्री जनवरी माह से बंद थी। फैक्ट्री में उनके कैबिन के दरवाजे को छेड़छाड़ कर खोल गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है साथ ही पुलिस का सहयोग करने को भी पूरी तरह तैयार है।

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