हिमखबर – व्यूरो रिपोर्ट
जिला लाहौल स्पीति में अवैध और गैरकानूनी शराब की बिक्री पर पूरी तरह से शिकंजा कसने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में यह बैठक बुधवार को केलांग में हुई, जिसमें हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011, एनडीपीएस अधिनियम 1985 और हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की गई।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। इस उद्देश्य से हर माह एनकार्ड की बैठक के साथ-साथ इस समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यवाही की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों से कहा कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करें और क्षेत्र में लगातार छापेमारी अभियान चलाएं। उन्होंने आबकारी अधिकारियों को शराब तस्करी पर नजर रखने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। साथ ही, अवैध शराब पर कार्रवाई करते समय स्थानीय रीति-रिवाजों का भी ध्यान रखने की सलाह दी।
आबकारी अधिनियम के अंतर्गत आबकारी एवं कराधान निरीक्षकों, एसडीएम, तहसीलदार, और एएसआई रैंक के पुलिस अधिकारियों को आबकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी चौबीसों घंटे में कभी भी शराब के भंडारण और बिक्री स्थलों का निरीक्षण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान डीएसपी रैंक से कम का पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं होना चाहिए।
डीएसपी राज कुमार के बोल
डीएसपी राज कुमार ने बताया कि इस वर्ष अब तक 48 अवैध शराब के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 69 थी। बैठक में सहायक आयुक्त राज्य कर एवं उत्पाद शुल्क जीवन लाल वत्सी ने बताया कि इस वर्ष जिला में अवैध शराब बिक्री के तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
ये रहे उपस्थित
बैठक में एएसटीइओ केलांग विक्रांत बनेर, एएसटीइओ कुल्लू सुरेश शर्मा, सहायक आयुक्त फूड सेफ्टी कुल्लू बबीता टंडन, तथा ऑनलाइन माध्यम से एसडीएम उदयपुर और केलांग, ड्रग इंस्पेक्टर आयुष डॉ. मनीश सूद भी जुड़े।